जौनपुर। सरायख्वाजा क्षेत्र में प्रसिद्ध भादो छठ मेला रविवार को शुरू हो गया। सुबह करीब चार बजे से ही सूरज कुंड तालाब में श्रद्धालुओं के स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से रूट डायवर्ट करने की तैयारी की गई। मेले में आसपास के जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
स्नान के लिए की गई बैरिकेडिंग
मेले को लेकर प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से पहले ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। एक दिन पहले ग्राम प्रधान रैना सिंह के निर्देश पर सूरज कुंड तालाब की सफाई कराई गई। श्रद्धालुओं के स्नान को सुरक्षित बनाने के लिए तालाब में बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा सड़क के दोनों किनारों पर करीब दो किलोमीटर तक जेसीबी से सफाई कराई गई, जिससे मेले में आने वाले लोगों और दुकानदारों को परेशानी न हो।
आस्था के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है कुंड
सूरज कुंड तालाब को क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि कुंड में स्नान करने से चर्म रोगों से राहत मिलती है। इसी विश्वास के चलते भादो छठ के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर स्नान करते हैं। मेले के दौरान कुंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कृषि यंत्रों के लिए भी प्रसिद्ध है मेला
भादो छठ मेला धार्मिक आयोजन के साथ कृषि यंत्रों की खरीद-बिक्री के लिए भी जाना जाता है। इसी कारण इसे किसान मेला भी कहा जाता है। पहले यह मेला करीब एक सप्ताह पहले से शुरू होकर कई दिनों तक चलता था। हालांकि सड़क किनारे अतिक्रमण और आबादी बढ़ने के कारण अब मुख्य मेला रविवार को ही सिमट गया है। इसके बावजूद कृषि यंत्रों की दुकानें और कारोबार अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
भीड़ बढ़ी तो बदलेगा यातायात मार्ग
सीओ सदर सम्यक चौधरी ने बताया कि मेले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जरूरत के अनुसार पुलिसकर्मियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि रूट डायवर्जन की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। भीड़ अधिक बढ़ने की स्थिति में पूर्वांचल विश्वविद्यालय से करंजाकला-मल्हनी मार्ग होते हुए कोइरीडीहा की ओर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा।
वसूली पर रोक, दुकानदारों के लिए व्यवस्था
मेले में जगह-जगह बैरियर लगाए गए हैं। दुकानदारों से किसी भी तरह की अवैध वसूली न हो, इसके लिए भी रोक लगाई गई है। ग्राम प्रधान की ओर से करीब दो किलोमीटर तक सड़क की सफाई कराए जाने से दुकानदारों को दुकानें लगाने में सुविधा मिली है। अधिकारियों के अनुसार मेले से जुड़ी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भीड़ के अनुसार व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।