जौनपुर। UPI के जरिए होने वाले डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की चर्चा से व्यापारियों में चिंता है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने UPI को बड़े स्तर पर अपनाया है। ऐसे में लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगने से छोटे और मध्यम व्यापारियों के खर्च पर असर पड़ सकता है।
व्यापार मंडल के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जिला अध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु ने कहा कि बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार, व्यापारी और ग्राहक रोजमर्रा के लेनदेन के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल और कम लागत वाला बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि व्यापारियों से हर छोटे-बड़े UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है तो इससे व्यापारिक खर्च बढ़ सकता है। इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ने की आशंका है। उन्होंने सरकार से डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आसान और शुल्क-मुक्त बनाए रखने की दिशा में काम करने की मांग की।
जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से मांग की कि UPI लेनदेन पर व्यापारियों से कोई अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए। साथ ही व्यापारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक NPCI दस्तावेजों में जून 2026 तक UPI की मौजूदा व्यवस्था से जुड़े दिशानिर्देश मिलते हैं, जबकि हाल की कुछ रिपोर्टों में नए MDR शुल्क के प्रस्ताव की चर्चा की गई है। इसलिए शुल्क संबंधी प्रस्ताव को लेकर अंतिम नियम और उसकी लागू होने की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को लेकर वे आगे भी अपनी बात संबंधित अधिकारियों और सरकार के सामने रखते रहेंगे।