जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में दीपक विश्वकर्मा के परिजनों और ग्रामीणों का तीन दिन से चल रहा धरना शनिवार रात करीब आठ बजे समाप्त हो गया। खुटहन क्षेत्र के मुजक्ककीपुर गांव निवासी दीपक की 30 अगस्त को करंट लगने से मौत हो गई थी। परिजन घटना को हत्या बताते हुए न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।
परिजन और ग्रामीण एक अक्टूबर से कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि दीपक की पत्नी को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए और ग्राम सभा में जमीन का पट्टा दिया जाए। परिजनों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण किया जाता है।
परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शाहगंज एसडीएम पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया था। उनका कहना था कि मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि परिजनों से बातचीत की गई। उनकी मांगों को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों से बातचीत और जांच के आदेश मिलने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया और घर लौट गए।