चंदवक । रिस्तेदारों की सहभागिता , दोनों परिवारों की पारस्परिक सहमति व रीति रिवाज से युवती व युवक की शादी तय हो गई। तिथि 11 नवंबर नियत की गई। दोनों तरफ से शादी की तैयारियां की जा रही थी। इसी बीच युवक युवती के बीच मोबाइल फोन पर चला बातचीत का शिलशिला इतनी प्रगाढ़ता दोनों के बीच ला दिया कि एक दिन भी दूर रहना मुश्किल हो गया। परिवार की आपत्ति के बावजूद दोनों ने रविवार को चंदवक गांधी पार्क स्थित हनुमान मंदिर में गले में वरमाला डाल हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गए।
रसड़ा गांव निवासी बेचन की पुत्री चंचल की शादी 11 नवंबर को खुज्झी गांव के वकील के पुत्र आकाश से तय थी। दोनों परिवार शादी की तैयारी में जुटे थे। मोबाइल से दोनों में शादी तय होने के बाद बातचीत होती रहती थी। इसी दौरान प्रेम इस कदर परवान चढ़ा की दोनों एक पल भी दूर नहीं चाहते थे। तत्काल शादी करने को परिजनों से कहा तो उन्होंने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि महीने भर ही रह गया शादी की तिथि को। लेकिन युगल नहीं माने। रविवार दोपहर हनुमान मंदिर पहुंचे।वरमाला एक दूसरे को पहनाया । मांग में सिंदूर डाली। खुशी खुशी घर चले गए।