कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनकी रचनात्मक एवं प्रतिभाशाली ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करना है। प्रधानमंत्री जी के नशा मुक्त भारत के संकल्प एवं विकसित भारत के विज़न के अनुरूप युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुये उन्हें राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अन्तर्गत कुल 8 प्रकार की प्रतियोगिताएं हुईं जिनमें लोक गीत, नृत्य, चित्रकला, नुक्कड़ नाटक, भाषण, रील्स, कविता, नारा लेखन प्रतियोगिता शामिल रहीं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागी युवाओं ने नशे के दुष्परिणामों नशा मुक्ति स्वस्थ जीवनशैली तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपनी प्रतिभा एवं विचार प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता/कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का अवसर प्रदान किया जायेगा जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा को राज्य स्तर पर प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। इस दौरान जिला क्रीड़ा अधिकारी अशोक सोनकर ने युवाओं को नशे से दूर रहने, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा समाज एवं राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिये प्रेरित किया।
जिला युवा अधिकारी तन्मय मोहन ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल विकास एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ें तो वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभायें।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि “नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।” युवाओं ने नशा मुक्ति का संकल्प लेते हुए स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया। मेरा युवा भारत जौनपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
