जौनपुर। जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम ने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी चिकित्सालयों को सर्विलांस, रोकथाम, नियंत्रण और मरीजों के त्वरित उपचार को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सीएमओ की ओर से जारी एडवाइजरी में मरीजों को लक्षणों की गंभीरता के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटकर उपचार और निगरानी की व्यवस्था तय की गई है। श्रेणी ए में हल्के बुखार, खांसी और गले में खराश जैसे सामान्य लक्षण वाले मरीजों को रखा गया है। ऐसे मरीजों को औसेल्टामिविर या प्रयोगशाला जांच की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें घर पर पृथक रहकर लक्षणों के अनुसार उपचार लेने की सलाह दी गई है।
श्रेणी बी में तेज बुखार वाले मरीजों के साथ गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, बच्चों तथा मधुमेह, कैंसर, हृदय और फेफड़ों जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित उच्च जोखिम वाले मरीजों को शामिल किया गया है। ऐसे मरीजों को घर पर आइसोलेशन में रखने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार औसेल्टामिविर देने के निर्देश हैं।
वहीं, श्रेणी सी में अति गंभीर मरीजों को रखा गया है। सांस फूलना, सीने में दर्द, रक्तचाप कम होना, नाखूनों का नीला पड़ना अथवा बच्चों में लगातार तेज बुखार जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। ऐसे मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच भी कराई जाएगी।
स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। हाई रिस्क वार्डों में तैनात चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और एंबुलेंस चालकों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराने को कहा गया है। अस्पतालों में एन-95 मास्क, पीपीई किट, ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइजर और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
संदिग्ध मरीजों के स्वाब नमूनों की जांच के लिए भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नमूनों को 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली कोल्ड चेन में सुरक्षित रखते हुए 48 घंटे के भीतर आईडीएसपी यूनिट के माध्यम से लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई या केजीएमयू की प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
सीएमओ ने आमजन से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने तथा नियमित रूप से हाथ धोने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षण दिखाई देने पर सतर्क रहने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
