सिद्दीकपुर, जौनपुर। मुरली फाउण्डेशन जौनपुर ने सदस्य नवीन मिश्र के निर्देशन और वरिष्ठ बाल्य रोग विशेषज्ञ डा. जयेश सिंह की अध्यक्षता में सिद्दीकपुर स्थित एक विद्यालय में छात्र—छात्राओं एवं टीचर्स के समक्ष इस तपती गर्मी में लू से बचाव एवं लू लगने पर किये जाने वाले प्राथमिक उपचार पर बहुउपयोगी जानकारी दी गयी। इस मौके पर डा. सिंह ने बताया कि सावधानी रखना ही सर्वश्रेष्ठ बचाव का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। यदि हम तापघात से बचना चाहते हैं तो हमें रोजाना जीवन में कुछ सावधानियां बरत कर इससे बच सकते है। उन्होंने बताया कि जहां हमें सर को सीधा सूर्य की किरणों से बचाने के लिये टोपी, गमछा इत्यादि का प्रयोग करना है, वहीं इससे भी जरूरी है कि शरीर मे पानी की कमी नही होने देना है जिसके लिए घर से बाहर निकलने से पूर्व प्यास नही भी लगने पानी पी कर निकलना है। प्रत्येक घण्टे पर उचित मात्रा में स्वच्छ जल का सेवन करना है, ताकि प्रत्येक 2 से 3 घण्टे पर पिशाब के जरिये हम शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकाल सके व शरीर को निर्जलीकरण से बचा सके।
डा. सिंह ने बताया कि शरीर मे पानी की उचित मात्रा सें हम किसी भी विषम परिस्थिति से बच सकते हैं। यदि किसी को लू लग भी जाय तो ओआरएस का घोल 1 लीटर पानी में मिलाकर 1 घण्टे में पी लेना चाहिये और शरीर को ठंडा रखने का प्रयास करना चाहिये जिसके लिए कूलर, एसी या फिर ठंडे पानी से नहाकर शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिये। उन्होंने उपस्थित छात्रों एवं शिक्षकों को 4 सूत्र बताये जिसके अन्तर्गत सर ढंकना, बाहर निकलने से पहले पानी पीना, कार्यस्थल पर प्यास न लगने पर भी पानी पीना और कार्य से लौटने के बाद पानी पीना शामिल है।
संस्थाध्यक्ष अमित पाण्डेय ने कहा कि यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि इस जानकारी को वह अपने आस—पास एवं अपने जान—पहचान वालों को यह बहुपयोगी जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को बचाव करने में मदद करें। नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डा. बृजेश कन्नौजिया ने बताया कि पानी पीते वक्त हमेशा गिलास का इस्तेमाल करें। सीधे बोतल से पानी पीने से बचने का प्रय्यास करें, क्योंकि ऐसा करने पर पानी स्वास नली के जरिये फेफड़े में जाने की खतरनाक संभावना बन जाती है जिससे जान का खतरा बन सकता है। सदैव गिलास का प्रयोग करें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक सिंह ने छात्रों को सावधानी बरतने की शपथ दिलाई और फाउंडेशन परिवार की इस पहल के लिये प्रशंसा किया। अन्त में सचिव अजय सिंह ने उपस्थित शिक्षकों व संस्था सदस्यों को धन्यवाद प्रेषित किया। इस अवसर पर जैनुल आब्दीन, धीरज पाठक, इं. अब्दुला जी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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