जौनपुर, 17 अक्टूबर। जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत पशुपालन विभाग की ओर से सूकर पालकों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान एक से 31 अक्टूबर तक और दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में पशुपालन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग की टीमें जूनोटिक यानी पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले तथा वाहक जनित रोगों की रोकथाम के लिए निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार काम कर रही हैं। जिले के 219 गांवों में 475 सूकर पालक हैं, जिन्हें अभियान के तहत नियमित रूप से जागरूक किया जा रहा है।
अभियान के दौरान सूकर बाड़ों को घनी आबादी वाले क्षेत्रों से दूर स्थापित करने, सूकर पालन स्थलों और आसपास मच्छरों व अन्य कीटों की रोकथाम के लिए कीटनाशकों का छिड़काव कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही पशुपालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव रोकने और संक्रमण से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
पशुओं और उनके परिसरों में संक्रमण की रोकथाम के लिए कृमिनाशक दवाओं के उपयोग तथा जागरूकता संबंधी पंपलेट और पोस्टर भी वितरित किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) सहित अन्य वाहक जनित रोगों के खतरे को कम करना है।
