नगर के एक निजी क्लिनिक में घायल अवस्था में मिले तोते के दो बच्चों का डाक्टर आलोक पालीवाल ने उपचार कर उन्हें सुरक्षित देखभाल प्रदान की गई। उपचार के दौरान चिकित्सक ने दोनों पक्षियों की जांच कर आवश्यक दवा दी तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि घायल एवं असहाय पक्षियों की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। समय पर उपचार मिलने से पक्षियों का जीवन बचाया जा सकता है। चिकित्सक ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई घायल पक्षी या अन्य जीव दिखाई दे तो उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर संबंधित विभाग अथवा पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
