मुंबई। सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को केंद्रीय रेलवे सुरक्षा बल (RPF), मध्य रेलवे मुख्यालय, मुंबई द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी से खुलासा हुआ है कि वर्ष 2022 से जून 2026 तक रेलवे टिकटों की अवैध दलाली (टाउटिंग) के 1,676 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान करोड़ों रुपये मूल्य के ई-टिकट और JCR टिकट जब्त किए गए तथा सैकड़ों टाउट एवं एजेंटों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में 309, 2023 में 399, 2024 में सर्वाधिक 502, 2025 में 356 तथा जून 2026 तक 110 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में कुल ₹8,849,299.55 मूल्य के JCR टिकट तथा ₹96,201,653.02 मूल्य के ई-टिकट जब्त किए गए। आरटीआई के जवाब के अनुसार अवैध टिकट बुकिंग एवं टाउटिंग के आरोप में वर्ष 2022 में 318 टाउट और 52 एजेंट, 2023 में 356 टाउट और 141 एजेंट, 2024 में 411 टाउट और 204 एजेंट, 2025 में 429 टाउट और 13 एजेंट, जबकि जुलाई 2026 तक 127 टाउट गिरफ्तार किए गए। वर्ष 2026 में अब तक किसी एजेंट की गिरफ्तारी दर्ज नहीं की गई है। जानकारी में यह भी सामने आया कि इस अवधि में कुछ रेलवे कर्मचारियों की भी ऐसे मामलों में गिरफ्तारी हुई। वर्ष 2022 में एक कर्मचारी, 2023 में दो कर्मचारी तथा 2024 में चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि वर्ष 2025 और 2026 में किसी रेलवे कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि प्राप्त जानकारी से स्पष्ट होता है कि रेलवे टिकटों की अवैध दलाली के विरुद्ध RPF लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदना चाहिए तथा दलालों के माध्यम से टिकट लेने से बचना चाहिए, जिससे इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
