जौनपुर। मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटीज़ ऑफ इंडिया (एफओजीएसआई) के प्रोजेक्ट एडीएचयूएनए के अंतर्गत सीपीडी 2.0 प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रविवार को होटल रिवर व्यू में किया गया। कार्यक्रम में जिले के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों तथा स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व एफओजीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भास्कर पाल तथा प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. जयदीप टैंक ने किया। आयोजन जौनपुर ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी के सहयोग से संस्था की अध्यक्ष डॉ. अंजु कनौजिया एवं सचिव डॉ. शैली निगम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने समय से पहले जन्म (प्रीटर्म बर्थ) की पहचान, गर्भावस्था के दौरान जोखिम का आकलन, सुरक्षित प्रसव प्रबंधन, नवजात शिशु के पुनर्जीवन (रेससिटेशन), कंगारू मदर केयर (केएमसी), स्तनपान, मातृ मानसिक स्वास्थ्य तथा नवजात शिशुओं की समग्र देखभाल जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आधुनिक उपचार तकनीकों एवं वैज्ञानिक दिशानिर्देशों को दैनिक चिकित्सा अभ्यास में अपनाने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं की समय पर पहचान, उचित रेफरल, वैज्ञानिक उपचार एवं निरंतर देखभाल से मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से एफओजीएसआई द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. विनोद सिंह, डॉ. सरोज यादव, डॉ. जयेश सिंह, डॉ. गुंजन पटेल, डॉ. प्रियंवदा सिंह, डॉ. मधु शारदा, डॉ. अंबर खान, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. शिखा शुक्ला, डॉ. पंखुरी श्रीवास्तव, डॉ. नेहा गुप्ता आदि उपस्थित रहीं।
Jaunpur News : जौनपुर प्रीटर्म शिशुओं की देखभाल को लेकर चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण
July 06, 2026
