श्रीमती मधुरिमा सक्सेना का 26 जून 2026 को अचानक अनंत यात्रा पर चले जाना परिवारजनों को ही नहीं उनके शुभचिंतको को भी दुखी कर गया । चिट्ठी न कोई संदेश, वह कौन सा देश जहां तुम चले गये। मधुरिमा सक्सेना को उस दिन जाना था मेरठ । पर वह चली गई उस यात्रा पर जहां से कोई नहीं लौटता । यह बात किसी ने सही कही कि जो भी प्राणी धरती पर आया है उसका रिटर्न टिकट कन्फर्म है। बस समय और तिथि का ज्ञान केवल परमपिता परमात्मा को ही होता है। सभी प्राणी वर्षों की प्लानिंग तो कर लेते हैं पर उन्हें भी अगले पल का भी पता नहीं होता। अनंत यात्रा पर जाने के बाद केवल उस प्राणी के सदकर्म, कुशल व्यवहार से ही परिवारजन, रिश्तेदार, उनके जुड़े लोग उन्हें याद कर उस व्यक्तित्व को प्रभु से अपने चरणों में स्थान देने की प्रार्थना करते हैं । इलाहाबाद में भारतीय वायुसेना में कार्यरत स्वर्गीय शिवशंकर सिन्हा = स्वर्गीय सरोजनी सिन्हा के घर 2 जनवरी 1955 को श्रीमती मधुरिमा सिन्हा का जन्म हुआ था। दो बहन मधुलिका, मंजुलिका, दो भाई अजय, पीयूष सिन्हा में वह क्रम में दूसरे नंबर पर थी। पिता शिव शंकर सिन्हा की अपने विवाह से पूर्व ही दुखद मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी बड़ी बहन मधुलिका सिन्हा के साथ गारमेंट फैक्टरी में सर्विस कर घर परिवार को चलाया। बाद में मंजुलिका का विवाह मदन देवगन, अजय सिन्हा का मीना सिन्हा, पीयूष सिन्हा का अनीता आनंद, एवं सबसे बाद में मधुलिका का बंश बिहारी सिन्हा से कराया। सभी की शादी विवाह में भी माँ की सहभागी बन के कार्य किया। भाई पीयूष की मृत्यु के बाद दो बहनों मधुलिका, मंजुलिका उनके पति मदन देवगन का कोविड में 20 दिन के अंतराल पर निधन हो गया था। सिन्हा = देवगन परिवार के अन्य परिजन बाल बच्चों के विवाह के बाद अब दिल्ली में ही रह रहे हैं। मधुरिमा सिन्हा का 15 दिसंबर 1985 को बरेली में निर्भय सक्सेना से विवाह हुआ। विवाह के बाद स्वर्गीय सुरेश चंद्र सक्सेना= स्वर्गीय शकुंतला सक्सेना परिवार की 41 वर्ष पूर्व बड़ी बहू बन कर आई थी। अपने व्यवहार से श्रीमती मधुरिमा सक्सेना ने श्रीमती रेखा प्रधान= स्वर्गीय परेश प्रधान, देवर अभय सक्सेना = स्वर्गीय रोजी, अजय सक्सेना = पूनम सक्सेना, संजय सक्सेना = डॉ पुष्प लता, अक्षय सक्सेना = अमिता, परिवार के सभी परिजनों बच्चों के दिल में वास बना लिया। उनके एक पुत्री रुचिका एवं एक पुत्र मोहित सक्सेना हुआ। पुत्री रुचिका सक्सेना का वर्ष 26 जनवरी 2008 में अमित सक्सेना से विवाह हुआ। श्रीमती रुचिका सक्सेना पति अमित सक्सेना, बच्चों संचिता एवं श्रेयांश के साथ मेरठ में रहती हैं। पुत्र मोहित कई वर्ष दुबई में रहा। वहां से लौटने के बाद अब पटना में फूड ग्रुप में मेनेजर है । कहते हैं कि पति और पत्नी जीवन रथ के वह दो पहिए हैं, जिनके संतुलन से केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि संपूर्ण सृष्टि की निरंतरता भी बनी रहती है। जब इन दोनों में से कोई एक साथ छोड़ देता है, तो केवल जीवन की गति ही नहीं रुकती बल्कि अकेले रह जाने वाले जीवनसाथी का हृदय भी भीतर तक टूट जाता है। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संसार में कोई नहीं कर सकता। यही दुख एवं मधुरिमा सक्सेना की स्मृति शेष अब पत्रकार निर्भय सक्सेना के जीवन को झकझोर रही है । मधुरिमा सक्सेना ने अपने व्यवहार से मानव सेवा क्लब, कायस्थ चेतना मंच, अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रांत, बरेली में भी अपना स्थान बनाया। निर्भय सक्सेना के साथ वह मानव सेवा क्लब, कायस्थ चेतना मंच के अधिकांश कार्यक्रम में, साहित्य परिषद, प्रदेश उपजा के बरेली के बाहर के सम्मेलनों में भी शामिल होती रहीं। आंध्र प्रदेश के तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर, उज्जैन के महाकाल, काल भैरव, ओंकारेश्वर, ममलेश्वर, काशी, मथुरा, अयोध्या धाम, हरिद्वार, ऋषिकेश, पूर्णागिरी, जागेश्वर धाम, प्रयाग कुंभ में भी उनकी धार्मिक यात्राएं हुई। मधुरिमा सक्सेना वर्ष 1988 में दैनिक जागरण, कानपुर की बरेली प्रतिनिधि भी रहीं।
जनवरी 2026 में ही 70 वर्ष आयु में वरिष्ठ नागरिक बनी मधुरिमा सक्सेना बीते 26 जून 2026 को अपने गंगाशील हॉस्पिटल के आई सी यू में हार्ट अटैक से परिवार को छोड़कर अनंत यात्रा पर प्रस्थान कर गईं । 27 जून को उनके निवास पर आकर ही प्रदेश के वन मंत्री डॉ अरुण कुमार, रोटरी गवर्नर राजन विद्यार्थी, नरेश मलिक, अनिल कुमार एडवोकेट, मानव सेवा क्लब अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, सतेंद्र सक्सेना, अभय भटनागर, अनिल सक्सेना, राजेश सक्सेना, मुकेश कुमार सक्सेना, कायस्थ सभाओं के अध्यक्ष संजय सक्सेना, बाई सी सक्सेना, राकेश सक्सेना, मुकेश सक्सेना अंकुर सक्सेना, अमित सक्सेना बिंदु, अखिलेश सक्सेना, उपजा प्रेस क्लब अध्यक्ष डा पवन सक्सेना, महामंत्री मुकेश तिवारी, जनार्दन आचार्य, नीरज आनंद, पुत्तन सक्सेना, महेंद्र मनुज, शुभम ठाकुर, सुयोग्य सिंह, अशोक शर्मा, विजय सिंह, ललित कश्यप, लोटा जी, शंकर लाल अजय मिश्रा, सुरेश रोचानी, अनूप मिश्रा, अखिलेश सक्सेना, फहीम करार, गुरु वचन दास, अनुराग उपाध्याय, आदि लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र अटल, डॉ अतुल वर्मा, मधु वर्मा, मंजू लता सक्सेना, शकुन सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, सुनील शर्मा, शील परिवार, शिव कुमार बरतरिया, सुरेश रस्तोगी, इंद्र देव त्रिवेदी, रंजीत पांचाले, वेद प्रकाश कातिब, किरण सक्सेना सहित अनेक राजनेताओं, शिक्षक, डॉक्टरों समाजसेवियों ने उनके पार्थिव शरीर के समक्ष अपने श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी अंतिम यात्रा में परिजन ही नहीं बीजेपी कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, बी एल एग्रो के ए एन सिंह, धीरेन्द्र राजवीर सिंह, उमेश अग्रवाल, पल्लव अग्रवाल, रोहित राकेश, सुरेश रस्तोगी, हिंद प्रेस के अमोल बंसल, गोल्डी भाई, हर्ष अग्रवाल, प्रकाश सक्सेना, खट्टर जी, मुकेश छाबरिया समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हुए। निवास पर आकर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की पुत्री श्रुति गंगवार, चेयरमैन अर्बन कोआपरेटिव बैंक, साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा, ब्रजेश शर्मा, प्रवीण शर्मा 5 जुलाई 2026 को स्वर्गीय मधुरिमा सक्सेना के शुद्धि हवन में प्रदेश के वनमंत्री डॉ अरुण कुमार, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह एरन, पूर्व मेयर सुप्रिया एरन, कायस्थ सभाओं के अध्यक्ष, बरेली विकास मंच के अध्यक्ष अजय अग्रवाल सराफ, सेंट्रल यू पी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजीव सिंघल, उन्मुक्त संभव शील, पार्षदगण सतीश कातिब शालिनी जौहरी, गौरव सक्सेना, जय प्रकाश राजपूत, पार्षद पति विजय कमांडो, बरेली कॉलेज के पूर्व चीफ प्राक्टर आलोक खरे, दैनिक हिंदू, मेरठ के प्रबंध संपादक मुकेश गोयल, उपजा वेलफेयर के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जी सी श्रीवास्तव, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट यू पी के कोषाध्यक्ष अनुपम चौहान, निर्मल कांत शुक्ला, कमल कांत शर्मा आदि ने कहा कि श्रीमती मधुरिमा सक्सेना का जाना केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि उन्हें जानने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत दुखद क्षण है। दुःख की इस घड़ी में एन यू जे यू पी एवं उपजा संगठन भी उनके साथ पूरी संवेदना और आत्मीयता के साथ खड़ा है। बरेली आवास पर 5 जुलाई 2026 को तेरहवीं संस्कार कार्यक्रम में समाज के लोगों ने पहुँचकर शोक- संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा स्वर्गीय मधुरिमा सक्सेना के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। जाने वाले हो सके तो लौट के आना। *निर्भय सक्सेना*, मोबाइल नंबर 09411005249 8077710362