गौराबादशाहपुर, जौनपुर। क्षत्रिय प्रशस्ति ग्रंथ के लेखक आद्या प्रसाद सिंह के मार्गदर्शन एवं क्षत्रिय विकास संस्था के प्रदेश प्रभारी डॉ. जयसिंह राजपूत के नेतृत्व में विचार गोष्ठी हुई। गोष्ठी में मुख्यतः विस्थापित राजपूतों को स्थापित राजपूत का दर्जा दिये जाने पर चर्चा की गयी। इस विषय पर समाज के वरिष्ठ चिन्तकों ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में विस्थापित राजपूत की समस्या एवं उसके निदान व भाईचारा को मजबूत करने के लिये सभी क्षत्रियों को गम्भीरता से विचार करने की जरूरत है, क्योंकि लोकतंत्र में हर हाल में अपनों को अपनाकर ही शासन सत्ता पर कब्जा किया जा सकता है। एसबी सिंह राष्ट्रीय संरक्षक अंतरराष्ट्रीय श्री राजपूत क्षत्रिय फेडरेशन अयोध्या, घनश्याम सिंह चौहान सदस्य राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सुल्तानपुर, अनिल प्रताप सिंह राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजपूत क्षत्रिय फेडरेशन वाराणसी, जितेंद्र सिंह चौहान चौहान विस्थापित राजपूताना मंच मऊ, संजय सिंह वैश प्रदेश महामंत्री अ.भा.क्ष. महासभा मधुबन, रमाशंकर सिंह प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय लोकदल देवरिया, केपी सिंह चौहान शिक्षक संघ चेयरमैन महाराष्ट्र, महेश सिंह रजवार अयोध्या, उदय प्रताप सिंह जिला प्रभारी गोरखपुर, ओम प्रकाश सिंह देवरिया, अमरनाथ सिंह चौहान जिला पंचायत सदस्य गोरखपुर आदि ने भी अपना विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर इं. वीर बहादर सिंह, डा. उमेश सिंह, सुरेश सिंह, अशोक सिंह चौहान, रतन सिंह परमार, डा. घनश्याम सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन डा. जयसिंह राजपूत ने किया।
Jaunpur News : अपनों को अपनाना है, देश—धर्म बचाना है: क्षत्रिय समाज
June 22, 2026
