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Jaunpur News : अत्यन्त अद्भुत एवं रहस्यमयी है भगवान श्रीकृष्ण की लीला: आचार्य

Naya Savera Network
सुइथाकला, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के नरवारी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य धनंजय मिश्र ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य भोगना पड़ता है। ईश्वर की दृष्टि से कोई भी बच नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि भगवान की लीला अत्यंत अद्भुत और रहस्यमयी है। कर्मफल का ही प्रभाव था कि माता यशोदा, जिनके यहां दूर-दूर तक संतान का जन्म नहीं हुआ था, उनके घर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया जबकि जिन देवकी के गर्भ से भगवान ने जन्म लिया, वे कारागार में कष्ट सहती रहीं। उन्होंने लोगों से कहा कि मनुष्य को कभी यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि उसके अच्छे या बुरे कर्म ईश्वर से छिपे रह जायेंगे।
कथा वाचक ने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही कंस के महल में हड़कंप मच गया। कंस भयभीत होकर चारों दिशाओं में दूत भेजने लगा कि देवकी का आठवां पुत्र कहां छिपाया गया है। इसी दौरान पूतना ने कंस को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह बालक जहां भी होगा, उसे यमलोक पहुंचा देगी।
कथा में यशवंत शुक्ला, बाबूल शुक्ला, राघवेंद्र, देवी प्रसाद, अवनीश पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अंत में आयोजक श्रीकांत शुक्ला ने सभी श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

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