शाहगंज, जौनपुर। अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष को फोन पर धमकी देने के बाद अधिवक्ताओं ने सोमवार को चकबंदी कार्यालय का कार्य बहिष्कार कर दिया। नारेबाजी कर उपजिलाधिकारी कुणाल गौरव को को ज्ञापन सौंपा दोषी कर्मचारी के हस्तानांतरण करने की मांग किया।
मालूम रहे विगत दिनों चकबंदी कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल रखा है। इसी परिप्रेक्ष्य में शुक्रवार को बैठक कर चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों के भ्रष्टाचार पर रोक न लगाये जाने पर चकबंदी न्यायालय के कार्य बहिष्कार का निर्णय लेने की चेतावनी दी गयी थी। बताया गया कि शनिवार रात लगभग 8 बजे कार्यालय में तैनात नीलम पाण्डेय के ससुर राजेश पाण्डेय ने अध्यक्ष लालचन्द्र गौतम को फोन पर मारने की धमकी दी जिसके बाद सोमवार को जुटे अधिवक्ताओं ने चकबन्दी कार्यालय का कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी करते हुये एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि नीलम पाण्डेय का मायका इसी तहसील क्षेत्र में है। वे 20 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। लिहाजा इनका हस्तानांतरण अन्य तहसील में किया जाय।
इस अवसर पर अध्यक्ष लालचन्द्र गौतम, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र यादव, महामंत्री राजीव सिंह, जय प्रकाश यादव, राजदेव यादव, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, मो ताहिर, उमेन्द्र सिंह, जय प्रकाश यादव, अर्जुन सिंह, महिपेन्द्र सिंह, वीरेंद्र यादव, अजय सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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