जौनपुर। पूर्वांचल का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शीतला चौकियां धाम के पास स्थित मैदान में रविवार को माँ चौकियां सेवा जनकल्याण ट्रस्ट के बैनर तले भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रविवार की सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुए इस समारोह में कुल 18 नवदंपति जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक-दूसरे के साथ वरमाला डालकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर माँ चौकियां जनकल्याण सेवा ट्रस्ट की ओर से नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के उपयोग में आने वाले तमाम उपहार भेंट किए गए।
उक्त कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर के बेटे मयंक सोनकर और बहू पारिजात सोनकर ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। मयंक सोनकर ने कहा कि सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की बदलती सोच और प्रगतिशीलता का प्रतीक है। आज का दिन आप सभी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं है, बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो आत्माओं का संगम है। प्यार के साथ-साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान और अटूट विश्वास ही एक मजबूत रिश्ते की नींव है।
एक-दूसरे की छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखें। शादी के बाद अब आप दो अलग परिवार नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार हैं। जैसे आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, वैसे ही अपने जीवनसाथी के माता-पिता को भी वही स्थान और आदर दें। याद रखें, जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहाँ बरकत और शांति हमेशा बनी रहती है। अंत में, बस इतना ही कहूंगा कि एक-दूसरे का हाथ थामकर और परिवारों का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ें। आपका जीवन खुशियों और आपसी विश्वास से महकता रहे।
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