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Jaunpur : नखास सहित दर्जन भर जगहों पर हुये होलिका कार्यक्रम

टीम संचार सेतु

जौनपुर। रंगों का पर्व होली की शुरूआत वैसे तो होलाष्टक से ही हो गयी है लेकिन परम्परा के अनुसार सोमवार को जगह—जगह रेड का पेड़ गाड़कर होलिका दहन कार्यक्रम की भी शुरूआत हुई। मान्यता के अनुसार होलिका दहन कार्यक्रम बसंत पंचमी के दिन से ही शुरू हो जाती है जिसके चलते खाली जगहों पर उसी दिन रेड का पेड़ गाड़ दिया जाता है लेकिन आवागमन के चलते अधिकांश जगहों पर होली के एक दिन पहले यह कार्यक्रम होता है। इस बार होली, होलिका दहन और चंद्र ग्रहण एक साथ खास संयोग बना रहे हैं। मान्य पंचांगों और पारम्परिक ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सोमवार को होलिका का कार्यक्रम किया गया।
जानकारों की मानें तो 3 मार्च को चन्द्र ग्रहण लग रहा है जिसके चलते सूतक काल, पूजा-विधि, स्नान-दान और मंदिरों के नियमों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गयी है। वहीं रंगों वाली होली 4 मार्च को मनायी जायेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि और भद्रा की समाप्ति के बाद किया जाता है लेकिन अगर भद्रा समाप्त न हो तो भद्रा के शुभ हिस्से में ही करना उचित माना जाता है। इस वर्ष भद्रा का समय विशेष चर्चा में है, क्योंकि दहन का शुभ मुहूर्त भद्रा के पुच्छ काल में पड़ रहा है। फिलहाल 4 मार्च को पड़ने वाली होली के एक दिन पहले यानी मंगलवार को चन्द्रग्रहण के चलते सोमवार को जगह—जगह होलिका का आयोजन किया गया।
वहीं नखास में सोमवाद को समाजसेवी अशोक जायसवाल 'गप्पू' के नेतृत्व में तमाम लोगों ने यह अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर वैभव वर्मा, अज्जू बेनवंशी, अमन अग्रहरि, तेजस जायसवाल, माला, बृजबाला, संदीप बेनवंशी, आर्यन जायसवाल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
देखा गया कि नगर के मोहल्ला ओलन्दगंज, जोगियापुर, शेखपुरा, अम्बेडकर तिराहा, लाइन बाजार, पालिटेक्निक चौराहा, रूहट्टा, मछलीशहर पड़ाव, गूलर घाट, गोपी घाट, विसर्जन घाट, बदलापुर पड़ाव, चहारसू चौराहा, कोतवाली चौराहा, सब्जी मण्डी, भण्डारी, सिपाह, रासमण्डल, मानिक चौक सहित तमाम जगहों पर होलिका कार्यक्रम किया गया। विभिन्न क्षेत्रों के आयोजन समिति द्वारा अपने क्षेत्रों में रेड़ का पेड़ को पूरे विधि—विधान से सड़क पर गाड़ दिया गया है।

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