जौनपुर। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सय्यद अली खामनेई की हत्या के विरोध में शहर के सिपाह मोहल्ले में अंजुमन मासूमिया के नेतृत्व में शनिवार को कैंडल मार्च निकाला गया। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
कैंडल मार्च इमामबाड़ा खाँ शाबान से शुरू होकर इमामबाड़ा वाजिबा बीबी होते हुए इमामबाड़ा नबी साहब तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। प्रतिभागियों ने शांति, इंसाफ और मानवता की रक्षा की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलन्द किया।इस अवसर पर शिया धर्मगुरु मौलाना तनवीर खान, मौलाना मेंहदी मिर्जापुरी और मौलाना वसी हसन मौजूद रहे जहां वक्ताओं ने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि किस तरह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बेगुनाह लोगों का खून बहाकर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं। ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मौलाना वसी हसन ने कहा कि अयातुल्लाह अली खामनेई ने हमेशा हक और इंसाफ की आवाज बुलंद किया। उन्होंने सत्य और न्याय के रास्ते पर कभी समझौता नहीं किया। उन्हें अपनी जान गंवाना मंजूर था लेकिन सच और इंसाफ का रास्ता छोड़ना स्वीकार नहीं था। आज पूरी दुनिया उनके साहस और संघर्ष को सलाम कर रही है। इस दौरान लोगों ने एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और विश्व में शांति तथा न्याय की स्थापना की मांग किया।
इस अवसर पर अंजुमन मासूमिया के सदर इरफान आजमी, वली हैदर मजहर, अख्तर अंसारी (अंजुमन मोहम्मदिया अहले सुन्नत), मैसर हुसैन, सभासद अलमास अहमद सिद्दीकी, अयान अली, जामा, ओसामा खान, हैदर रजा, नजमी हैदर, अली, आशु, अलमान खान, मोहम्मद महफूज खान, फराज हुसैन, अधिवक्ता जैगम, अहसन खान, परवेज हसन, जमान खान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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