अधिकारियों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल और संदेश, ओटीपी व बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने के खतरे तथा सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा साइबर सेल को सूचना देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अलकेश्वरी सिंह ने की। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता प्रत्येक विद्यार्थी के लिए जरूरी है। तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदारी से उपयोग कर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
इस अवसर पर प्रो. बृजेश कुमार मिश्र, प्रो. संजय नारायण सिंह, डॉ. जगत नारायण सिंह, डॉ. जितेन्द्र प्रसाद यादव, डॉ. आशुतोष पाण्डेय, डॉ. अमर सिंह, श्रीकृष्ण सिंह, हिमांशु कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
