बरसठी | कंपनी का सामान वापस करने के बदले पांच लाख रुपये मांगने और रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दाउदपुर (कोटिया) गांव निवासी अनिल कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी कंपनी जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी और उसकी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल आदि निर्माण का कार्य कराती है। कंपनी ने मछलीशहर तहसील क्षेत्र के जरौना, करियाव, भिदुना और जमुहर गांव में कार्य कराया था। कार्य की देखरेख के लिए मीरगंज थाना क्षेत्र के करियाव गांव निवासी सुशील कुमार सिंह को 18 हजार रुपये प्रतिमाह पर रखा गया था। राजदेव सिंह भी उसके साथ काम करता था। आरोप है कि दोनों कंपनी की निर्माण सामग्री की देखरेख करते थे। इसी दौरान करीब 3100 मीटर पाइप, 1740 किलोग्राम सरिया और 434 बैग सीमेंट उनके कब्जे में रह गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों ने सामग्री में हेरफेर कर कुछ सामान खुले बाजार में बेच दिया। सामान का पता चलने पर कंपनी की ओर से उसे वापस करने के लिए कहा गया। प्राथमिकी के मुताबिक, 12 जुलाई 2024 को सुशील कुमार सिंह ने सामान वापस करने के संबंध में लिखित रूप से दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी सामग्री वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को वह कंपनी के काम और सामान की देखरेख के लिए मीरगंज बाजार गया था। वहां से उसने सुशील कुमार सिंह को फोन कर कंपनी का सामान वापस करने को कहा। आरोप है कि इस पर सुशील ने गाली-गलौज करते हुए सामान वापस करने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर मुंबई चले जाने और क्षेत्र में दिखाई पड़ने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी में राजदेव सिंह पर भी फोन कर कंपनी के मजदूरों को क्षेत्र में काम नहीं करने देने और गोदाम में ताला लगाने की धमकी देने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि धमकी के कारण मजदूर कंपनी के काम पर आने से डर रहे हैं। पीड़ित के तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 352 और 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी जय प्रकाश यादव ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
