लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय ललित कला अकादेम का 72वां स्थापना दिवस बुधवार को ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के प्रांगण में मनाया गया । इस विशेष अवसर पर एक दिवसीय ‘व्याख्यान कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या’ "राग एवं रंग" का सफल आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिष्ठित कलाकारों, शिक्षाविदों और कला प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कलाकार प्रो० उमेश सक्सेना, प्रो० जयंत खोत, अध्यक्ष संगीत नाटक अकादमी लखनऊ, विभा सिंह, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ, संदीप भाटिया, डॉ० उमेन्द्र प्रताप सिंह, किरण सिंह राठौर एवं केन्द्र के क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेन्द्र त्रिपाठी ने सभी सम्माननीय कलाकारों की उपस्तिथि में दीप प्रज्वलित कर किया।
ललित कला अकादेमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के विकास और कला-साधना में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले कलाकारों को अंगवस्त्र तथा पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान केन्द्र में सम्मानित कलाकारों में प्रो० सुनील सक्सेना, प्रो० उमेश सक्सेना, डॉ० उमेन्द्र प्रताप सिंह एवं संदीप भाटिया तथा वर्तमान में केन्द्र की कार्यशालाओं में कार्यरत वरिष्ठ कलाकारों में किरण सिंह राठौर, अजीत सिंह, ममता राभा, पूनम नागू तथा पूनम नाग चतुर्वेदी को सम्मानित किया गया। क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेन्द्र त्रिपाठी ने सभी सम्मानित कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी निष्ठा और सृजनशीलता ही इस केन्द्र की वास्तविक ताकत है तथा सभी कलाकारों को 72वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी | इसके साथ ही सांस्कृतिक संध्या ‘राग एवं रंग’ का आयोजन किया गया, जिसने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष, प्रख्यात गायिका विभा सिंह द्वारा अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया, जिनके सुरों की साधना और गायन शैली ने सभागार में उपस्थित सभी कला प्रेमियों का मन मोह लिया। इसके पश्चात लखनऊ के प्रतिभावान युवा कलाकार अथर्व प्रताप सिंह द्वारा मनमोहक बांसुरी वादन किया गया, जिसकी तान ने वातावरण को पूरी तरह से संगीतबद्ध और ऊर्जावान बना दिया। कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेन्द्र त्रिपाठी ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि "ललित कला अकादेमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ, भारत में कला के संवर्धन, युवा कलाकारों के प्रोत्साहन और कलात्मक संवाद को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए कटिबद्ध है।" कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला मर्मज्ञ, छात्र, शोधार्थी और लखनऊ के वरिष्ठ कलाकार उपस्थित रहे।
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