जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में सोमवार को कैम्प कार्यालय में पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गोवंश संरक्षण, गौशालाओं की व्यवस्थाओं और पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में 100 से कम गोवंश वाली गौशालाओं को नजदीकी बड़ी गौशालाओं अथवा गोवंश संरक्षण केंद्रों से संबद्ध किया जाए। साथ ही खाली पड़े गौशाला स्थलों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने सभी गौशालाओं में विद्युत कनेक्शन और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिक उम्र एवं कमजोर गोवंश के लिए अलग व्यवस्था, छोटे पशुओं के लिए अलग चारा पात्र तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने गौशालाओं में वृक्षारोपण के तहत लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने, एनजीओ एवं एफपीओ के माध्यम से संचालित गौशालाओं की नियमित निगरानी करने तथा गौशाला के बाहर बोर्ड लगाकर संरक्षित गोवंश की संख्या अंकित कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने गोवंश की मृत्यु के बाद नियमानुसार समुचित निस्तारण, लंपी वायरस से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही गौशालाओं में जलभराव की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारी नियमित स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, परियोजना निदेशक के.के. पाण्डेय, प्रभारी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।