चौकियां धाम, जौनपुर। नगर के विशेषरपुर क्षेत्र में प्राचीन पोखरे के किनारे प्रशासन द्वारा बनाये 4 शौचालय टूटे—फूटे हालत में जर्जर पड़े हुए हैं। बनने के बाद से ही अब तक चालू नहीं हो सके हैं। उपेक्षा के कारण चारों शौचालय टूट फुट कर जर्जर हालत में पहुँच गये हैं। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान योजना क़ो ठेंगा दिखाते यह 4 शौचालय प्रशासन की लापरवाही क़ो जगज़ाहिर कर रहे हैं। टूटे दरवाजे, शौचालय में अपरम्पार गंदगी, आस—पास झाड़ झंखाड़, शौच के लिए न कोई पानी की टंकी यह सब जिला प्रशासन की स्वच्छ भारत अभियान के प्रति उदासीनता प्रकट कर रही हैं।
बता दें कि उपेक्षित व उपयोगविहीन पड़े 4 शौचालय में से एक शौचालय महिला, दो शौचालय पुरुष व एक शौचालय विकलांगों के लिए बनाया गया हैं। उपयोग विहीन जर्जर शौचालयों पर लिखी जागरूकता फैलाने वाली लाइनें 'लोटा बोतल बंद करें। शौचालय का प्रबंध करें तथा बहू बेटियां दूर न जायं। शौचालय घर में बनवायें। लोगों के लिए हास्य का कारण बन रही है। ये सभी शौचालय लाखों की लागत से बना धन की बर्बादी तथा स्वच्छ भारत अभियान क़ो मुंह चिढ़ा रहे हैं।
यह स्थिति तब है जबकि उसी मार्ग से शीतला चौकियां धाम में जिलाधिकारी सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों का आवागमन होता है। बावजूद इसके अधिकारियों की नजर अब तक़ उपेक्षित पड़े शौचालय पर न पड़ना जनता के लिए परेशानियों का सबब बना हुआ है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शौचालयों की मरम्मत, साफ—सफाई तथा चालू करवाने की अपील किया है।
