— चेतन सिंह | बरसठी
पत्रकारिता में दस वर्ष केवल समय की गणना नहीं होते, बल्कि हर उस खबर का हिसाब होते हैं जिसने समाज को जागरूक किया, व्यवस्था को आईना दिखाया और पाठकों का विश्वास जीता। *'नया सवेरा नेटवर्क'* का एक दशक इसी विश्वास, प्रतिबद्धता और जनसरोकारों की सशक्त यात्रा का प्रमाण है।
19 जुलाई 2016 को शुरू हुआ नया सवेरा नेटवर्क आज अपने गौरवपूर्ण दस वर्ष पूरे कर रहा है। यह उपलब्धि केवल एक समाचार पोर्टल की वर्षगांठ नहीं, बल्कि उस पत्रकारिता का उत्सव है जिसने तेज़ी के साथ सत्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को अपनी पहचान बनाया। जौनपुर से शुरू हुई यह यात्रा आज पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में बसे जौनपुरवासियों तक भरोसेमंद खबरों का सशक्त माध्यम बन चुकी है। आज जब डिजिटल मीडिया में सबसे पहले खबर देने की होड़ लगी है, ऐसे दौर में तथ्य, संतुलन और जिम्मेदारी को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। नया सवेरा नेटवर्क ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए हमेशा सत्यापित और जनहित से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता दी। यही कारण है कि इस मंच ने केवल पाठकों की संख्या नहीं बढ़ाई, बल्कि उनके मन में विश्वास भी अर्जित किया। यही किसी भी समाचार संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी होती है। मेरा इस समाचार परिवार से लगभग नौ-दस वर्षों का जुड़ाव रहा है। इस दौरान मेरी अनेक महत्वपूर्ण खबरों को नया सवेरा ने प्रमुखता से स्थान दिया। उन खबरों का असर केवल समाचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई मामलों में प्रशासन हरकत में आया और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल भी हुई। एक पत्रकार के लिए इससे बड़ा संतोष क्या हो सकता है कि उसकी कलम समाज में बदलाव का माध्यम बने। मेरे अनुभव में नया सवेरा नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत इसकी तेज़, निष्पक्ष, ग्रामीण और खोजी पत्रकारिता है। गाँव की छोटी-सी समस्या हो, प्रशासनिक लापरवाही का मामला हो या जनहित का कोई गंभीर विषय हर खबर को जिम्मेदारी और तथ्यपरकता के साथ पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास इसकी पहचान बन चुका है। यही पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत करती है और आमजन की आवाज़ को व्यवस्था तक पहुँचाती है। इस पूरे सफर के पीछे संस्थापक अंकित जायसवाल की दूरदृष्टि, मेहनत और पत्रकारिता के प्रति समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने केवल एक सफल डिजिटल समाचार मंच ही नहीं बनाया, बल्कि अनेक मेरे जैसे युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन भी किया। राष्ट्रीय सहारा के जौनपुर डेस्क पर अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ नया सवेरा नेटवर्क, जौनपुर लाइव सहित कई डिजिटल समाचार मंचों का सफल संचालन उनकी कार्यक्षमता का प्रमाण है। सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने हमेशा सीखने वालों का खुले मन से सहयोग किया। उनका सहज, सरल और विनम्र स्वभाव उन्हें केवल एक संपादक ही नहीं, बल्कि एक सच्चे मार्गदर्शक के रूप में भी स्थापित करता है। दस वर्षों का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि पत्रकारिता केवल खबरें प्रकाशित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही निभाने का संकल्प भी है। जब कोई समाचार संस्थान सत्य, संवेदनशीलता और जनविश्वास को अपनी नींव बना लेता है, तब समय स्वयं उसकी विश्वसनीयता का साक्षी बन जाता है। नया सवेरा नेटवर्क ने यह विश्वास अर्जित किया है और यही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। आने वाले वर्षों में भी 'नया सवेरा' सत्य की मशाल को इसी तरह प्रज्वलित रखे, जनसरोकारों की आवाज़ बनकर समाज का मार्गदर्शन करता रहे और पत्रकारिता की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बना रहे। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ 'नया सवेरा नेटवर्क' के दसवें स्थापना दिवस पर पूरे परिवार को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ। @Ankit Jaiswal
