जौनपुर, 30 जुलाई। विकासखंड करंजाकला के ग्राम काजीबाजार में मलेरिया का एक नया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए प्रभावित क्षेत्र में निरोधात्मक अभियान चलाया। जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने मरीज के घर पहुंचकर सत्यापन किया तथा आसपास के क्षेत्र में मलेरिया जागरूकता, स्वास्थ्य शिक्षा, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे, सोर्स रिडक्शन, पोस्टर चस्पा और पंपलेट वितरण का कार्य किया।
नोडल अधिकारी वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, उल्टी और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार मिलने से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो सकता है।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जनपद में 1,76,094 संभावित मरीजों की जांच की गई है, जिनमें 14 मरीज मलेरिया संक्रमित पाए गए। इनमें 11 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि तीन का उपचार जारी है। राहत की बात यह है कि इस वर्ष जनपद में मलेरिया से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि जनपद के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मलेरिया की जांच और उपचार की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है। आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं द्वारा संभावित बुखार के मरीजों की पहचान कर उनकी जांच कराई जा रही है।
अभियान के दौरान सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार, एसएफडब्ल्यू इंद्रजीत सिंह, एफडब्ल्यू रामरूप यादव तथा आशा कार्यकर्ता अमृता देवी ने काजीबाजार में मरीज रेशमा के घर पहुंचकर स्वास्थ्य शिक्षा, मच्छरजनित रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी और लोगों से घर के आसपास जलभराव न होने देने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय सरकारी अस्पताल में निःशुल्क जांच कराने की अपील की।
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