जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव में मंगलवार शाम आई तेज आंधी एक परिवार पर कहर बनकर टूटी। करीब 11 फुट ऊंची दीवार गिरने से 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि चार बकरियां भी मलबे में दबकर मर गईं। वहीं, क्षेत्र में आए चक्रवाती तूफान के कारण एक अन्य गांव में पेड़ गिरने से भैंस की भी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, कड़ैला गांव निवासी कमलेश का 17 वर्षीय पुत्र किशन मंगलवार रात अपने घर के सामने बंधी बकरियों को पशुबाड़े की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान पशुबाड़े के पास स्थित लगभग 11 फुट ऊंची दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी। दीवार के मलबे की चपेट में आने से किशन गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि चार बकरियां भी दब गईं।
परिजन आनन-फानन में किशन को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। किशन ने हाल ही में हाईस्कूल (कक्षा 10) की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उसकी असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
बताया जाता है कि परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दिए बिना ही बुधवार सुबह बेलावां घाट पर किशोर का अंतिम संस्कार कर दिया। सरायख्वाजा थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस को कोई सूचना या तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कोई विधिक कार्रवाई नहीं की गई।
उधर, मंगलवार देर रात आए तेज चक्रवाती तूफान ने लपरी गांव में भी नुकसान पहुंचाया। गांव निवासी रामसुंदर ने अपनी भैंस को घर के बाहर एक बड़े पेड़ के नीचे बांध रखा था। रात करीब नौ बजे तेज हवाओं के साथ आए तूफान में पेड़ जड़ सहित उखड़कर भैंस के ऊपर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लगातार खराब मौसम और तेज आंधी-तूफान से क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

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