Trending

Jaunpur News :सफलता की कहानी

Naya Savera Network

निजी प्रयास और उद्यान विभाग के सहयोग से जौनपुर में विकसित हुआ 140 प्रजातियों का अनूठा ‘मॉडल आम बाग

जौनपुर 26 जून 2026 (सू०वि०)- यदि लगन, नवाचार और विभागीय सहयोग का समन्वय हो तो खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सफलता का आदर्श मॉडल बन सकती है। जनपद जौनपुर के विकास खण्ड सिकरारा अंतर्गत ग्राम विशुनपुर (लाला बाजार) निवासी प्रगतिशील कृषक श्री सूर्यभान यादव ने अपनी मेहनत और उद्यान विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। आज उनका आम का बाग जनपद ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है।

        श्री सूर्यभान यादव वर्षों से कृषि एवं बागवानी कार्यों से जुड़े रहे हैं। उनके पास पहले से आम का पारंपरिक बाग था, लेकिन उन्होंने इसे आधुनिक तकनीकों और दुर्लभ प्रजातियों के समावेश से एक नई पहचान देने का संकल्प लिया। उनके पुत्र अनिल यादव की बागवानी के प्रति विशेष रुचि ने इस प्रयास को और गति प्रदान की।

       देश-विदेश की विभिन्न आम प्रजातियों के बारे में जानकारी जुटाकर उन्होंने अपने एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के बाग में विभिन्न किस्मों का संग्रह एवं संरक्षण प्रारम्भ किया। आज उनके बाग में मियाजाकी, कियो सैतो कप्पात, रेड आइवरी, ब्लूई किंग, एप्पल मैंगो, ताइवानी रेड सहित लगभग 140 उन्नत एवं दुर्लभ आम प्रजातियाँ सफलतापूर्वक विकसित हो रही हैं। यह बाग विविधता संरक्षण और आधुनिक बागवानी का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।

        कृषक के इस अभिनव प्रयास को और सशक्त बनाने के लिए उद्यान विभाग, जौनपुर ने निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन एवं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान किया।

         विभाग द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) से विकसित विशेष आम प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए गए। इसके अतिरिक्त बाग में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित कराई गई, जिससे जल संरक्षण के साथ पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हुई।

         जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभागीय सहायता से वर्मी कम्पोस्ट बेड की स्थापना कराई गई। इससे कृषक स्वयं जैविक खाद तैयार कर पौधों को पोषण प्रदान कर रहे हैं। साथ ही उद्यान विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर बाग का निरीक्षण कर वैज्ञानिक छंटाई, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटेशन जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाता रहा।
 
       आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण प्रजातियों के चयन का परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सूर्यभान यादव के बाग से प्रतिवर्ष लगभग 200 कुंतल आम का उत्पादन प्राप्त हो रहा है। सकल वार्षिक आय: लगभग ₹6 लाख, कुल उत्पादन लागत: लगभग ₹80 हजार, शुद्ध वार्षिक लाभ: लगभग ₹4 लाख

        कम लागत और अधिक लाभ का यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

          सूर्यभान यादव का यह बाग आज एक “डेमोंस्ट्रेशन हब” के रूप में विकसित हो चुका है, जहाँ किसान आकर आधुनिक बागवानी तकनीकों, दुर्लभ आम प्रजातियों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

        मुख्य विकास अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी एवं उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी इस बाग का निरीक्षण कर इसकी सराहना की जा चुकी है। किसानों को नवाचार अपनाने और वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने में यह मॉडल बाग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

           कृषक की मेहनत, नवाचार और उद्यान विभाग के साथ सफल समन्वय को देखते हुए श्री सूर्यभान यादव को “उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026” में सम्मानित किए जाने हेतु नामित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की पहचान है, बल्कि जौनपुर जनपद के कृषकों के लिए भी गौरव का विषय है।

         सूर्यभान यादव की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ लें, तो खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय में परिवर्तित किया जा सकता है। उनका मॉडल बाग आज नवाचार, संरक्षण और समृद्धि का जीवंत उदाहरण बन चुका है।
  
         प्रगतिशील कृषक श्री सूर्यभान यादव ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत के साथ-साथ शासन एवं प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए निरंतर सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जौनपुर, मुख्य विकास अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं विभिन्न योजनाओं के लाभ से ही उनके बाग को एक नई पहचान मिली है। 
    
         उन्होंने प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं एवं विभागीय सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यदि किसानों को इसी प्रकार मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलती रहें तो कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में और भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

        उन्होंने शासन-प्रशासन एवं उद्यान विभाग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही उनका बाग आज जनपद में एक आदर्श मॉडल बाग के रूप में स्थापित हो सका है, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!