जौनपुर। हृदय नारायण चतुर्वेदी सेवानिवृत्त अध्यापक बीआरपी इण्टर कालेज की जन्मशती पर उनके निवास पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वन्दना दुबे प्रोफेसर टी.डी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने कहा कि श्री चतुर्वेदी कर्मयोगी, निष्ठावान, धर्मनिष्ठ एवं परिवार को साथ लेकर चलने वाले आदर्श शिक्षक थे। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि सभी को अपने पूर्वजों का सदैव स्मरण करना चाहिये तथा संयुक्त परिवार की अवधारणा को आगे बढ़ाना चाहिये।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये पूर्व जनपद न्यायाधीश अजय कुमार ने कहा कि श्री चतुर्वेदी एक कुशल शिक्षक, नाट्यकर्मी एवं रंगमंच संचालक थे। उनके पिता के साथ उन्होंने अनेक नाटकों का निर्देशन भी किया था। उन्होंने ऐसे निष्ठावान शिक्षक को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दुबे ने बचपन से जुड़े अपने संस्मरण साझा करते हुये कहा कि यद्यपि उन्हें पढ़ने का अवसर नहीं मिला किन्तु उनका मार्गदर्शन सदैव प्राप्त होता रहा।
बनवासी कल्याण के संयोजक मानिक चन्द्र सेठ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना काल से उनके स्वयंसेवक जीवन का उल्लेख करते हुये उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। पुरानी बाजार भरत मिलाप समिति के अध्यक्ष उमेश चन्द गुप्ता, देव दीपावली समिति के अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, धनुष यज्ञ समिति के अध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं में उनके योगदान की सराहना किया।
प्रसिद्ध कवि अनिल उपाध्याय ने अपनी काव्य रचना के माध्यम से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया तो सेवानिवृत्त बैंककर्मी शकील अहमद ने उनकी सरलता, सहृदयता एवं लगभग 20 वर्षों के आत्मीय सम्बन्धों को स्मरण किया। कार्यक्रम संयोजक यादवेन्द्र चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुये उनसे जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। विजय चतुर्वेदी ने अपने बचपन के अनुभवों को उपस्थित जनों के साथ साझा किया।
इस अवसर पर अमरनाथ उपाध्याय, अरुण त्रिपाठी, सुनील गुप्ता, डॉ. मनीष गुप्ता, मनोज चतुर्वेदी, कैलाशनाथ, दिनेश विश्वकर्मा, जयशंकर मिश्रा, राधेकृष्ण चतुर्वेदी, धीरेन्द्र चतुर्वेदी, अरुण मौर्य, कपिल चतुर्वेदी, डा रजनीकान्त द्विवेदी, मिथिलेश जी, कृष्ण गोपाल गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन मिलन चतुर्वेदी ने किया। अन्त में मधुकर चतुर्वेदी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।
गोष्ठी के उपरान्त हरदीपुर की कीर्तन मंडली ने अश्विनी शुक्ला के नेतृत्व तथा पुरानी बाजार रामायण समिति ने सुन्दर काण्ड का सामूहिक पाठ किया। अन्त में सभी श्रद्धालुओं ने भोग-प्रसाद ग्रहण किया जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।a
