जौनपुर। अन्तर्राष्ट्रीय श्री राजपूत क्षत्रिय फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. जयसिंह राजपूत ने आयोजित बैठक के दौरान कहा कि अहंकार और आपसी मतभेदों में भटकता समाज कभी भी अपनी वास्तविक शक्ति का परिचय नहीं दे सकता। समाज के उत्थान, संगठन की मजबूती और भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए क्षत्रिय समाज को एकजुट होकर कार्य करना होगा। इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब क्षत्रिय समाज एकता के सूत्र में बंधा है तब-तब उसने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं आपसी विभाजन और व्यक्तिगत अहंकार ने समाज की सामूहिक शक्ति को कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में समाज के सामने शिक्षा,रोजगार, सामाजिक जागरूकता और युवा नेतृत्व जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषय हैं जिन पर मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी सामाजिक संगठनों, पदाधिकारियों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाजहित को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने बताया कि फेडरेशन समाज में एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती के लिए निरंतर प्रयासरत है। युवाओं से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुये कहा कि मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकते हैं लेकिन मनभेद समाज के लिए घातक सिद्ध होते हैं, इसलिये सभी समाज बंधुओं को आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अंत में उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर शिक्षा, संस्कार, सामाजिक उत्थान और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान देने की अपील किया।

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