खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय नगर पंचायत के वार्ड नम्बर 3 में स्थित पोस्ट ऑफिस मोहल्ला इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का दर्दनाक मंजर पेश कर रहा है। राज गौरव आईटीआई के समीप बसे दर्जनों परिवार वर्षों से स्थायी विद्युत पोल की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी फरियाद अब तक विभागीय फाइलों में ही दफन दिखायी दे रही है। हालात इतने चिंताजनक हैं कि आबादी क्षेत्र में बिजली की सप्लाई बांस-बल्ली के सहारे चल रही है। यह व्यवस्था न केवल विभागीय लापरवाही और उदासीनता की दास्तान बयां कर रही है, बल्कि किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास और जनकल्याण के बड़े-बड़े दावों के बीच आबादी क्षेत्र में बांस-बल्ली के सहारे दौड़ रही बिजली व्यवस्था सरकारी तंत्र की नाकामी और बेपरवाही का जीता-जागता सबूत बन चुकी है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी लोगों की पुकार सुनेंगे या फिर किसी दर्दनाक हादसे के बाद ही उनकी नींद टूटेगी। इस संबंध में बिजली विभाग के एसडीओ से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल बंद मिला कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
बरसात—आंधी में बढ़ जाता है जानलेवा खतरा, हर वक्त सताता है अनहोनी का डर
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात, तेज हवाओं और तूफान के दौरान बांस-बल्ली के सहारे टंगे बिजली के तार खतरनाक तरीके से झूलने लगते हैं। कई बार तार नीचे आने की नौबत बन जाती है जिससे करंट फैलने और जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि बच्चे घरों के बाहर खेलने से डरते हैं, महिलाएं और बुजुर्ग भी हमेशा दहशत और बेचैनी में रहते हैं। हर गुजरता दिन उन्हें किसी संभावित हादसे की याद दिलाता है। लोगों का कहना है कि विभाग की यह ग़फ़लत कभी भी किसी परिवार की खुशियां उजाड़ सकती है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई, आश्वासनों तक सीमित रहा विभाग
उक्त मोहल्ला निवासी ज्ञानचन्द गुप्ता, रोहित प्रजापति, चमेला देवी, उर्मिला देवी, रिंकू यादव, राम नवल, राजेश बिन्द, तारा देवी, राम सिंगार यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार सम्बन्धित अधिकारियों और विद्युत विभाग से स्थायी पोल लगाने की गुजारिश किया। बार-बार आवेदन दिये गये। शिकायतें दर्ज करायी गयीं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी परेशानियों से बेखबर बने हुये हैं और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा यह गम्भीर मसला उनकी प्राथमिकता में शामिल नहीं है।
हादसे के बाद नहीं, पहले जागे प्रशासन आन्दोलन की चेतावनी
नामित सभासद सोनू बिन्द ने विभागीय उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी दिन बांस-बल्ली टूट गयी या बिजली के तार नीचे गिर गये तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? उन्होंने कहा कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर पूरे मोहल्ले में खौफ़ का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के आला अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी विद्युत पोल लगाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

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