खेतासराय, जौनपुर। इंसानियत और सेवा की भावना आज भी समाज में जीवित है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला। खेतासराय कस्बा निवासी आशा देवी गम्भीर बीमारी के चलते उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंची थीं। जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनके शरीर में अत्यधिक खून की कमी बताई और तत्काल रक्त चढ़ाने की सलाह दी।
परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर रक्त की व्यवस्था करना था। मरीज की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिवार के लोग चिंतित और परेशान हो उठे। इसी दौरान मेडिकल कॉलेज में कार्यरत शुभम शर्मा को जब महिला की स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने बिना किसी देरी के रक्तदान करने का निर्णय लिया।
शुभम शर्मा ने स्वयं आगे बढ़कर एक यूनिट रक्तदान किया जिससे आशा देवी का उपचार समय पर शुरू हो सका। रक्त मिलने के बाद महिला की स्थिति में सुधार आया और परिजनों ने राहत की सांस ली। आशा देवी के परिवार ने शुभम शर्मा के इस मानवीय कार्य के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल रक्तदान किया, बल्कि एक जीवन को बचाने का कार्य किया है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने भी कहा कि समय पर रक्त उपलब्ध हो जाना मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। शुभम शर्मा का यह कदम समाज के लिए प्रेरणा है और यह संदेश देता है कि रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए नई जिंदगी का आधार बन सकता है। शुभम जी के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे युवा समाज में मानवता, सेवा और परोपकार की भावना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उनका यह योगदान उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो रक्तदान को लेकर संकोच करते हैं।
