सरायख्वाजा, जौनपुर। स्थनीय थाना क्षेत्र के कयार गांव के करीब एक दर्जन परिवार पिछले 20 दिनों से बिजली के लिये भुगत रहे हैं। 8 जून को आए आंधी-तूफान में बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने संबंधित जेई और विद्युत विभाग के अधिकारियों को सूचना दी लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद आज तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं कराई गई।
ग्रामीणों के अनुसार सोंगर विद्युत उपकेंद्र से प्रभावाहित होती है। विभाग की उदासीनता से परेशान होकर लोगों ने चंदा इकट्ठा कर अपने खर्च पर नये बिजली का पोल लगवा दिया, ताकि बिजली जल्द बहाल हो सके। इसके बाद भी विभाग की ओर से न तार जोड़ने की कार्रवाई की गई और न ही विद्युत आपूर्ति शुरू कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित लाइनमैन तथा अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दिन में घरों में रहना मुश्किल हो रहा है जबकि रात में उमस और गर्मी के कारण लोग सड़क किनारे या खुले स्थानों पर सोने को मजबूर हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में छोटी-छोटी दुकानें चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले दुकानदारों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिजली न होने से पंखे, फ्रीजर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विभाग समय रहते क्षतिग्रस्त खंभों और तारों की मरम्मत कर देता तो उन्हें अपने खर्च कर खंभे लगाने की नौबत नहीं आती। उनका कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण वे पिछले 20 दिनों से बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि इसके लिए हम लोग कई बार लाइनमैन और जेई से कह चुके हैं लेकिन केवल आजकल का आश्वासन ही मिल रहा है। अगर बिजली सप्लाई जल्द नहीं शुरू कराई गई तो हम लोग अपनी समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करके समस्याओं को अवगत करायेंगे। इसके बारे में जेई संजय प्रजापति के नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
इस अवसर पर अमित यादव, सन्तोष यादव, कुलदीप यादव, लालमन गौतम, फिरोज गौतम, हरेन्द्र गौतम, फूलेन्द्र यादव, चन्द्रेज यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
