जौनपुर। नगर क्षेत्र के मोहल्ला हैदरपुर में 3 मई 2026, रविवार को एक अहम और भावुक मजलिस-ए-तरहीम का आयोजन किया गया। यह मजलिस मरहूम आल-ए-हसन ख़ान इब्ने अली अहमद खान मरहूम और मरहूमा अनसरी बेगम बिनते इब्राहीम हुसैन की याद में रखी गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस मजलिस का आयोजन सोगवारान जनाब वसीम हैदर (पप्पू) और जनाब शाहनवाज़ हुसैन (भुट्टो) करबलायी द्वारा अपने वालिदैन की याद में किया गया। कार्यक्रम इमामबारगाह हैदरपुर, सदर जौनपुर में सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जहाँ मोहल्ले और आस-पास के इलाकों से लोग बड़ी तादाद में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पेशख्वानी जनाब ज़मीर जौनपुरी, जनाब आक़िल हैदरपुरी और जनाब अरसल रज़ा हैदरपुरी ने की, जबकि मजलिस की निज़ामत जनाब ज़फ़र अब्बास साहब ने संभाली। वहीं सोज़ख्वानी जनाब इबाद अली साहब व उनके हमनवा ने की। उनकी बेहतरीन पेशकश और सलीकेदार संचालन ने मजलिस के माहौल को और भी असरदार बना दिया। मजलिस को ख़िताब फरमाते हुए अली जनाब मौलाना मेराज हैदर ख़ान साहब क़िबला ने अपनी तक़रीर में मौला अली (अ.स.) और औलाद-ए-अली की शान को बयान किया। उन्होंने इंसानियत, सब्र और दीन की राह पर चलने की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने ईरान की फतह और सैयद अली खामेनई साहब की शख्सियत पर भी रोशनी डालते हुए उनके नेतृत्व और हिम्मत की सराहना की। इसके अलावा नौहाख्वानी जौनपुर की मशहूर व मारूफ़ अंजुमन, अंजुमन-ए-जाफ़रिया (रजिस्टर्ड टांड़तला) ने बेहतरीन अंदाज़ में पेश की, जिसने मजलिस के माहौल को ग़मगीन और रूहानी बना दिया। मजलिस के दौरान लोगों ने ख़ामोशी और अदब के साथ हिस्सा लिया और मरहूमीन को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया। कार्यक्रम के आखिर में नजर-ए-मौला का एहतमाम किया गया, जिसमें सभी मोमिनीन ने शिरकत कर सवाब हासिल किया। मोहल्ला हैदरपुर में आयोजित इस मजलिस-ए-तरहीम ने न सिर्फ मरहूमीन की याद को ताज़ा किया, बल्कि लोगों के दिलों में इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम भी पहुंचाया। मजलिस में मोहल्ला हैदरपुर के जनाब जावेद साहब, जनाब रज़ा साहब, जनाब शुजात अली साहब, जनाब शमीम साहब, जनाब आज़म साहब, जनाब आक़िल साहब, जनाब शब्लू साहब, जनाब मोज़िज़ हसन साहब के साथ-साथ अन्य गांवों से आए लोगों की भी खास मौजूदगी रही।
हैदरपुर में अकीदत के साथ आयोजित हुई मजलिस-ए-तरहीम । Sanchar Setu
byटीम संचार सेतु
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