जौनपुर। मुरली फाउंडेशन के तत्वावधान में नगर के रुहट्टा स्थित होली चाइल्ड स्कूल परिसर में संयोजक नवीन मिश्र के सहयोग से बाल रोग विशेषज्ञ डा. विपुल सिंह द्वारा गर्मियों में आपातकालीन स्थिति में ओआरएस घोल की महत्ता व उसकी सुरक्षित मात्रा के उपयोग पर जानकारी प्रदत की गयी। इस मौके पर डा. सिंह ने बताया कि गर्मियों में अक्सर लू लगने या शरीर में पानी की कमी होने पर आम तौर पर लोग स्वतः ओआरएस या अन्य ऐसे सामग्री का घोल पानी में बनाकर पीड़ित व्यक्ति को पिला देते हैं परन्तु कई बार असावधानीवश या जानकारी के अभाव में सही मात्रा में नहीं बना पाते हैं जिससे कई बार स्थिति सम्भलने की बजाय और बिगड़ जाती है। उन्होंने कहा कि ओआरएस का एक पैकेट 1 लीटर से कम पानी में नहीं बनाना चाहिये, वरना व्यक्ति सोडियम विषाक्तता का भी शिकार हो सकता है जिससे उसके गुर्दे पर बुरा असर पड़ सकता है अथवा मतिभ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सावधानी बचाव का बेहतरीन साधन है। सर्वप्रथम इस गर्मी में कोशिश करें कि धूप में तभी निकलें जब बहुत आवश्यक हो, अन्यथा 12 बजे से शाम 5 बजे तक इससे बचें। बच्चों को बताया कि सुबह भरपूर नाश्ता करके ही स्कूल के लिये निकले और अपने लिये दोपहर का भोजन घर से लेकर अवश्य आयें, ताकि बढ़ते तापमान में पानी की कमी या आवश्यक ऊर्जा की कमी से किसी अप्रिय आपातकालीन स्थिति का सामना न करना पड़े एवं घर के बने भोजन से बाहरी संक्रमण का भी खतरा कम हो जाय। बच्चों को लगातार प्रत्येक 1 से 2 घण्टे के अंतराल पर प्यास न लगने पर भी पानी पीने की सलाह दिया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को वचन दिया कि प्रत्येक गुरुवार वह होली चाइल्ड विद्यालय के बच्चों को निशुल्क परामर्श देंगे।
इसी क्रम में मुरली फाउंडेशन के अध्यक्ष अमित पांडेय ने आने वाले समय में बच्चों को कृमि निवारण हेतु भी जागरूकता कार्यशाला करने का आश्वासन दिया। विद्यालय प्रबंधन ने डा. विपुल जी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अन्त में सचिव अजय सिंह ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। जागरुकता कार्यशाला में धीरज पाठक, अंबुज पाठक, मनीष श्रीवास्तव, हेट्रो कम्पनी के रीजनल मैंनजर सहित विद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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