जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में युवक आजाद बिंद की हत्या के नौ दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज मृतक की बहन सौम्या बिंद ने शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर न्याय की मांग की। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। सौम्या बिंद ने कहा कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई कर रही है, जबकि उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि यदि उनके साथ कोई घटना होती है तो मामले को दबाने की कोशिश की जा सकती है, क्योंकि परिवार में आवाज उठाने वाला कोई और नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी गरीब परिवार के युवक के साथ ऐसी घटना हुई होती तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हो रहा है। सौम्या ने कहा कि उन्हें हर हाल में न्याय चाहिए, अन्यथा यह माना जाएगा कि प्रशासन आरोपियों का साथ दे रहा है।
सौम्या ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचकर उन्हें कानून की धाराएं समझा रहे हैं और यह कह रहे हैं कि वह अभी बच्ची हैं। उन्होंने बताया कि मामले में नामजद छह आरोपियों में से केवल एक आरोपी ने खुद आत्मसमर्पण किया है, जबकि प्रदीप बिंद, रवि यादव, अविनाश चौहान, अशोक यादव और भोले राजभर अब भी फरार हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 10 मई तक कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सौम्या बिंद ने एसपी से सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके भाई को पहले धमकियां मिल रही थीं और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी, तो अब सबूत मांगना उचित नहीं है।

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