Jaunpur News : जौनपुर में डिजिटल क्रांति के साथ शुरू होगा महाभियान : डीएम जौनपुर

पहली बार 'स्व-गणना' का मिलेगा विकल्प, मोबाइल ऐप से जुटाए जाएंगे आंकड़े
जौनपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'भारत की जनगणना 2027' की तैयारियां जौनपुर जिले में अंतिम चरण में हैं। जिलाधिकारी (प्रमुख जनगणना अधिकारी) एवं अपर-जिलाधिकारी (वि/रा) के कुशल नेतृत्व में इस बार की जनगणना ऐतिहासिक होने जा रही है। 1872 से निरंतर चली आ रही इस श्रृंखला की यह 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी। खास बात यह है कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें कागज-कलम की जगह स्मार्टफोन और आधुनिक पोर्टल्स का बोलबाला रहेगा।
बुधवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीएम जौनपुर सैमुअल पॉल एन ने बताया कि डेटा संग्रह का कार्य प्रगणकों द्वारा उनके स्मार्टफोन पर समर्पित मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीएमएमएस पोर्टल के जरिए की जा रही है। जिले को कुल 8,653 मकानसूचीकरण ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए 10,116 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक (10% रिजर्व सहित) तैनात किए गए हैं। इन कर्मियों का प्रशिक्षण तहसील स्तर पर 8 विभिन्न स्थानों पर 218 बैचों में संपन्न किया गया, जिसका आखिरी चरण पूरा हो रहा है।
डीएम जौनपुर ने बताया कि इस बार की जनगणना में नागरिकों के लिए 'स्व-गणना' का क्रांतिकारी विकल्प पेश किया गया है। परिवार अब सीधे वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना का यह कार्य स्मार्टफोन, टैबलेट, डेस्कटॉप या लैपटॉप से आसानी से किया जा सकेगा। बाद में प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर इन जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डेटा की सटीकता बढ़ाना और प्रगणकों व आम जनता के समय की बचत करना है। जनगणना अभियान दो मुख्य चरणों में संचालित होगा। प्रथम चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा।
डीएम ने बताया कि स्व-गणना का विकल्प 7 मई से 21 मई 2026 तक खुला रहेगा। वहीं, जनगणना का द्वितीय चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। मीडिया हाउसों के लिए स्व-गणना अभियान की प्रस्तावित तिथि 9 मई 2026 निर्धारित की गई है। इस दौरान मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर विभिन्न विभागों में प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाएंगे। जिलाधिकारी ने अपील करते हुए कहा है कि जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश की योजना निर्माण, नीति निर्धारण और सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार स्तंभ है। इसी डेटा के आधार पर वित्त आयोग राज्यों को धन आवंटित करता है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। सभी जौनपुर वासी इस राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम से जुड़कर देश की प्रगति में सहायता प्रदान करें।


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