सुइथाकला, जौनपुर। ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती की गोवंश संरक्षण यात्रा विकास खंड के पिपरौल गांव पहुंची। स्थानीय निवासी दिनेश मिश्रा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हुए गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूक किया। पिपरौल पहुंचे जगद्गुरू शंकराचार्य ने रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह पावन विजेथुआ धाम में मंगलमूर्ति बजरंग बली की पूजा-अर्चना किया। उनके आगमन की सूचना मिलते ही दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पिपरौल गांव में हजारों श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान सुइथाकला निवासी कवि-शिक्षक एवं पत्रकार डॉ. प्रदीप दूबे ने जगद्गुरू शंकराचार्य को अपनी स्वरचित काव्य-संग्रह पुस्तक ‘जीवन उमंग’ भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही डॉ. दूबे ने कहा कि अनंत जन्मों के संचित पुण्य और ईश्वर की असीम कृपा से उन्हें परम पूज्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के श्रीचरणों के दर्शन एवं सान्निध्य का अलौकिक सौभाग्य प्राप्त हुआ है। गुरुदेव के पावन चरणों में अपने काव्य-संग्रह ‘जीवन उमंग’ को समर्पित कर उनका शुभाशीष प्राप्त करना उनके जीवन का अत्यंत भाव-विह्वल, सुखद एवं चिरस्मरणीय क्षण रहा। गुरुदेव के आशीर्वचन से मन अद्भुत शांति, ऊर्जा और आध्यात्मिक संतोष से भर गया।
इस अवसर पर प्रमोद मिश्र, बृजेश उपाध्याय, जयशंकर मिश्र, सुरेश मिश्रा, अमित मिश्रा, प्रमोद यादव, प्रशांत पाण्डेय, आनन्द यादव सहित तमाम श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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