मुफ्तीगंज, जौनपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आयुष चिकित्सक डॉ. अश्वनी पाल पर मरीजों से अवैध वसूली कराने तथा सरकारी जांच व्यवस्था पर भरोसा न कर बाहर की लैब से महंगी जांच कराने का आरोप है। मरीजों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाये हैं।
इलाज कराने आई मरीज किरण देवी ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने पहले बाहर की लैब से लगभग 1200 रुपये की जांच करवाने के लिए कहा। इसके बाद ही इलाज शुरू किया गया। वहीं दूसरी मरीज बिन्दू देवी ने आरोप लगाया कि गर्भ संबंधी समस्या को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंची थीं जहां चिकित्सक ने अपने साथ रहने वाले एक लड़के से 750 रुपये का इंजेक्शन मंगवाकर लगवाया। इंजेक्शन लगने के बाद तबीयत बिगड़ने लगी तो शिकायत करने पर बाद में दूसरी दवा दी गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आयुष चिकित्सक अपने साथ एक-दो बाहरी लड़कों को रखते हैं जो मरीजों से सांठगांठ कर इलाज और दवाओं के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी लैब की व्यवस्था किए जाने के बावजूद मरीजों को बाहर की जांच और महंगी दवाओं के लिए मजबूर किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीएचसी में स्थापित सरकारी जांच सुविधाओं के बावजूद चिकित्सक बाहर की निजी लैब पर अधिक भरोसा जताते हैं जिससे गरीब मरीज आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
इस संबंध में जानकारी लेने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शशिकांत पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि “यदि मरीजों को बाहर से जांच के लिए मजबूर किया जा रहा है तो यह पूरी तरह गलत है। मैं तत्काल अधीक्षक से बात कर मामले की जानकारी लेता हूं।

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