जौनपुर। भारतीय मानव समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में अति पिछड़ों, किसानों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को तेज करने जा रही है। पार्टी आगामी 1 जून से 25 जुलाई तक प्रदेश के गांवों में व्यापक 'जन चौपाल' अभियान चलाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को उठाना और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था की कमियों को उजागर करना है। इस आशय की जानकारी देते हुये राष्ट्रीय अध्यक्ष केवट रामधनी बिन्द ने बताया कि पार्टी अपने 55 दिवसीय अभियान के दौरान निम्नलिखित ज्वलंत मुद्दों पर जनता के बीच अपनी बात रखेगी।
आरक्षण और रोहिणी कमीशन: अति पिछड़े समाज के हक के लिए रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने की मांग। किसान और युवा: किसानों की समस्याएं और बेरोजगार युवकों के लिए रोजगार के अवसर। महंगाई और बुनियादी जरूरतें: कमरतोड़ महंगाई, बिजली की बढ़ती दरें और पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दाम। महिला सुरक्षा व स्वास्थ्य: महिलाओं पर हो रहे शोषण के खिलाफ आवाज उठाना और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना। पारंपरिक दलों पर बड़ा प्रहार। भारतीय मानव समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक दलों की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा पर आरोप: वर्तमान भाजपा सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के हितों की रक्षा करती है और जाति देखकर न्याय करती है।समाजवादी पार्टी पर निशाना: सपा जब भी सत्ता में रहती है, उसका रवैया भी पूरी तरह जातिवादी और भेदभावपूर्ण रहता है।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी अब अति पिछड़े समाज के हक और अधिकारों की बात करना भूल चुकी है। लक्ष्य:2027 में अति पिछड़ों की अपनी सरकार। अभियान के माध्यम से भारतीय मानव समाज पार्टी का सीधा आह्वान है कि उत्तर प्रदेश का अति पिछड़ा समाज अब और चुप नहीं बैठेगा। वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अति पिछड़ा समाज अपने अधिकारों की रक्षा और न्यायपूर्ण व्यवस्था की स्थापना के लिए अपनी खुद की सरकार बनाएगा जहां हर वर्ग के साथ समान न्याय हो सके और सबको उनका वास्तविक अधिकार मिल सके।

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