मड़ियाहूं, जौनपुर। भगवान जब कृपा करते हैं तो सारा संसार कृपा करता है। सच्चे मन से उन्हें पुकारने की जरूरत है। प्रभु एक मित्र और बाल सत्रखा की तरह दौड़े—दौड़े चले आयेंगे। उक्त बातें सप्त दिवसीय भागवत कथा के अंतिम दिन विकास क्षेत्र रामपुर के नगेसरा गांव में श्रोताओं को सम्बोधित करते हुये काशी केकथा वाचक अनिरुद्ध दास मोहित महाराज ने कहा। कथा के विस्तार में इन्होंने भगवान श्रीकृष्णा और सुदामा की मित्रता की चर्चा किया। जब मार्मिक ढंग से सुदामा के चरण भगवान श्रीकृष्ण द्वारा आंसुओं से धोएं जाने की चर्चा किया तो श्रोताओं की भी आंखें नम हो गईं। सुदामा की गरीबी की भीषण मार को सहा। कई दिन भूखे रह गये। भगवान के घर तो दो ही एकादशी होती है लेकिन वह तो पूरे महीने की एकादशी का निर्वाह किया किंतु सोवत जगत शरण तुम्हारी के परिपेक्ष में हमेशा भागवत नाम का स्मरण करते रहे। उनकी एक भी सांस बिना भगवान के नाम के खाली नहीं गई और एक दिन भगवान ने उनके सारे कष्ट को दूर कर दिए। भगवान के चरणों में श्रद्धा विश्वास के साथ समर्पित हो जाओ। कथा सुनो, कीर्तन करो, सत्संग करो, भागवत नाम का सुमिरन करते रहो। उनकी कृपा से ही सब कुछ प्राप्त होता है। कहा जाता है कि बिनुहरि कृपा मिले नहीं संता। अंत में आयोजक बसंत राय ने सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर आनंद शर्मा, विनय शर्मा, अरुण शर्मा, पंकज आजाद, भूपेंद्र, शिवम, शुभम, सुमित, कपिल सहित तमाम तमाम लोग उपस्थित रहे।
Jaunpur News : भगवान के चरण में समर्पित हो जाओ, सारे कष्ट दूर होंगे: अनिरूद्ध दास
byTechnical Team
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