जौनपुर। निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष भूसा दान अभियान को जनपदवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र के नेतृत्व में शुरू की गई “पुण्य की एफडी” पहल के तहत दानदाताओं को प्रतीकात्मक प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा गोवंश के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन जनसहयोग से अतिरिक्त संसाधन मिलने पर उनके बेहतर रखरखाव में मदद मिलती है। उन्होंने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी भूसा दान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले कृषकों और समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने दान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परोपकार से समाज में सकारात्मक भावना का विकास होता है। गोस्वामी तुलसीदास के दोहे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दान देने से धन में कमी नहीं आती, बल्कि असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी भावना को बढ़ावा देने के लिए “पुण्य की एफडी” अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी सराहना मुख्य सचिव स्तर पर भी की गई है। अभियान के तहत नागरिकों से अधिक से अधिक भूसा दान करने की अपील की गई है, ताकि निराश्रित गोवंश का समुचित भरण-पोषण हो सके। साथ ही लोगों से अपने आसपास पशु-पक्षियों के लिए पानी और दाना उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद जौनपुर स्थित कृषि भवन की गौशाला में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार अंबष्ट ने 18 क्विंटल भूसा दान किया, जिनको जिलाधिकारी द्वारा “पुण्य की एफडी” प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अब तक जनपद में 10 हजार क्विंटल से अधिक भूसा दान के माध्यम से संग्रहित किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस पुनीत अभियान से जुड़ने की अपील की है।

Post a Comment