जौनपुर। मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे भाजपा का प्रोपोगंडा बताया। कहा कि सरकार भारत की चुनावी व्यवस्था को बदलने के इरादे से आगे बढ़ रही थी। महिला आरक्षण केवल एक बहाना था। बातचीत में सांसद ने कहा कि सरकार का वास्तविक उद्देश्य परिसीमन के माध्यम से निर्वाचन क्षेत्रों का नक्शा बदलना राज्यों के बीच संतुलन बिगाड़ना और देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक को उस समय पेश किया गया जब पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया जारी है। बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के इसे लाना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
प्रिया सरोज ने स्पष्ट किया कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में पहले भी थीं और आगे भी रहेंगी लेकिन परिसीमन के जरिए संघीय व्यवस्था पर किसी भी प्रकार की चोट को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संसद में इस विधेयक को नकारा जाना लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने मांग दोहराई कि महिलाओं को बिना किसी शर्त के तत्काल आरक्षण लागू किया जाए।

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