राकेश शर्मा @ खेतासराय, जौनपुर। विकास खण्ड सोंधी शाहगंज के अंतर्गत मुख्य चौराहे से लगभग 500 मीटर दूरी पर स्थित लपरी गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास वर्षों से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। स्थिति यह हो गई है कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में गंदा पानी जमा हो गया है और पूरी सड़क किसी खतरनाक नाले जैसी दिखाई देने लगी है।
गंदे पानी और कीचड़ से भरी इस सड़क से गुजरना अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि न तो वाहन ठीक से निकल पा रहे हैं और न ही लोग सुरक्षित रूप से पैदल चल पा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से नाली का पानी लगातार सड़क पर बह रहा है जिससे सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। जलजमाव के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और बारिश के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर लेती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
गंदे पानी के लंबे समय तक जमा रहने से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। जलजमाव में कूड़ा-कचरा सड़ने के कारण पानी का रंग काला हो गया है और उससे दुर्गंध भी उठ रही है जिससे आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को डर है कि इससे डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी घातक बीमारियां फैल सकती हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण
तौफीक अहमद का कहना है कि लपरी गांव के प्राथमिक विद्यालय के बगल सड़क पर नाली का गंदा पानी जमा होने से स्कूली बच्चों और राहगीरों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है जिससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। प्रेम यादव ने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से गांव की नालियों का गंदा पानी और कीचड़ भारी मात्रा में सड़क पर जमा हो रहा है। इससे न केवल बच्चों और राहगीरों, बल्कि दो और चार पहिया वाहनों के आवागमन में भी कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि जलजमाव के कारण डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी कई बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग किया कि जल्द से जल्द नाली की सफाई कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।
गंदे पानी और कीचड़ से भरी इस सड़क से गुजरना अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि न तो वाहन ठीक से निकल पा रहे हैं और न ही लोग सुरक्षित रूप से पैदल चल पा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से नाली का पानी लगातार सड़क पर बह रहा है जिससे सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। जलजमाव के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और बारिश के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर लेती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
गंदे पानी के लंबे समय तक जमा रहने से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। जलजमाव में कूड़ा-कचरा सड़ने के कारण पानी का रंग काला हो गया है और उससे दुर्गंध भी उठ रही है जिससे आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को डर है कि इससे डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी घातक बीमारियां फैल सकती हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण
तौफीक अहमद का कहना है कि लपरी गांव के प्राथमिक विद्यालय के बगल सड़क पर नाली का गंदा पानी जमा होने से स्कूली बच्चों और राहगीरों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है जिससे संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। प्रेम यादव ने बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से गांव की नालियों का गंदा पानी और कीचड़ भारी मात्रा में सड़क पर जमा हो रहा है। इससे न केवल बच्चों और राहगीरों, बल्कि दो और चार पहिया वाहनों के आवागमन में भी कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि जलजमाव के कारण डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसी कई बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग किया कि जल्द से जल्द नाली की सफाई कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।
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