संजय शुक्ला @ जौनपुर। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शहादत की खबर के बाद शहर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। रविवार की रात्रि सदर इमामबाड़ा से मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी एवं अंजुमन शमशीर हैदरी के नेतृत्व में विशाल कैंडल मार्च निकाला गया जो ईदगाह परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ। कैंडल मार्च में हजारों की संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया। हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारेबाज़ी भी की गयी।
मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई पूरी दुनिया के मज़लूमों के रहनुमा थे। इस घटना की कड़ी निंदा की जाती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। मौलाना ने अपील किया कि लोग संविधान के दायरे में रहकर अपना विरोध दर्ज कराएं, ताकि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलन्द की जा सके। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिये ठोस कदम उठाये जाने चाहिये। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संबंधित देशों के उत्पादों का बहिष्कार कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रकट करें। मार्च के समापन पर आये हुए जनसैलाब ने ईरान में शहीद हुये लोगों के लिये दुआ किया और अमन-ओ-अमान की कामना किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे।
इस अवसर पर मौलाना ज़फर हसन खान, मौलाना आसिफ अब्बास, मौलाना अम्बर अब्बास, मौलाना सैफ आब्दी, मौलाना आगा मोहसिन, मौलाना यासिर, मौलाना शुजा, मौलाना शाज़ान ज़ैदी, मौलाना अहमद हसन खान, मौलाना शाने आलम, मौलाना हसन हैदर, मौलाना इकरार आज़मी, मौलाना अली अब्बास हायरि, मौलाना शायान हैदर, अली मंज़र, नौशाद हुसैन, दिलदार हुसैन, ईदू, शाहिद मेंहदी, साजिद ज़ैदी, रिज़वान हुसैन सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
मौलाना सफदर हुसैन ज़ैदी ने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई पूरी दुनिया के मज़लूमों के रहनुमा थे। इस घटना की कड़ी निंदा की जाती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। मौलाना ने अपील किया कि लोग संविधान के दायरे में रहकर अपना विरोध दर्ज कराएं, ताकि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलन्द की जा सके। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिये ठोस कदम उठाये जाने चाहिये। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संबंधित देशों के उत्पादों का बहिष्कार कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रकट करें। मार्च के समापन पर आये हुए जनसैलाब ने ईरान में शहीद हुये लोगों के लिये दुआ किया और अमन-ओ-अमान की कामना किया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे।
इस अवसर पर मौलाना ज़फर हसन खान, मौलाना आसिफ अब्बास, मौलाना अम्बर अब्बास, मौलाना सैफ आब्दी, मौलाना आगा मोहसिन, मौलाना यासिर, मौलाना शुजा, मौलाना शाज़ान ज़ैदी, मौलाना अहमद हसन खान, मौलाना शाने आलम, मौलाना हसन हैदर, मौलाना इकरार आज़मी, मौलाना अली अब्बास हायरि, मौलाना शायान हैदर, अली मंज़र, नौशाद हुसैन, दिलदार हुसैन, ईदू, शाहिद मेंहदी, साजिद ज़ैदी, रिज़वान हुसैन सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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