Jaunpur : ​बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में गोष्ठी का हुआ आयोजन

मड़ियाहूं, जौनपुर। स्थानीय कोतवाली परिसर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत पुलिस विवाह सेवा प्रदाता एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों के साथ गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता कोतवाली प्रभारी अमित सिंह ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना था।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए बाल संरक्षण अधिकारी ने कहा कि बाल विवाह को रोकना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के की शादी कानूनन अपराध है। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोग दोषी माने जायेंगे। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत यह एक संज्ञेय और गैरजमानती अपराध है जिसमें दोषी पाए जाने पर कम से कम दो वर्ष की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। बाल विवाह कानून के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1929 में शारदा एक्ट लागू किया गया था जिसमें 1976 में संशोधन कर लड़कियों की शादी की आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की गयी। सख्त कानून के बावजूद वर्ष 2004-05 तक लगभग 46 प्रतिशत बाल विवाह होते रहे जिसके बाद 2006 में कानून को और सख्त बनाते हुये इसे गैरजमानती अपराध घोषित किया गया। लोगों से अपील की गयी कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत 1090, 112 या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें।
अन्त में कोतवाली प्रभारी अमित सिंह ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलायी। सभी ने संकल्प लिया कि वे न केवल बाल विवाह नहीं करेंगे, बल्कि लोगों को जागरूक भी करेंगे और एक बैनर पर बाल विवाह मुक्त करने को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अवसर पर कोतवाली प्रभारी अमित सिंह, रमेश कुमार, चन्द्रकान्त सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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