जौनपुर। प्रसिद्ध इतिहासकार, ब्लागर सोशल मीडिया के विशेषज्ञ स्व. सै. मो. मासूम की मजलिसे चेहलुम रविवार को इस्लाम के चौक पर हुई। मजलिस को खिताब करने आये राजधानी लखनऊ के मौलाना सैय्यद हसनैन बाकरी ने कहा कि इस्लाम आपसी भाईचारे का पैगाम देता है और समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए सभी को मिलकर आवाज उठानी चाहिए, इस्लाम में बेगुनाहों का खून बहाना सबसे बड़ा गुनाह माना जाता है और समाज में एकता और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया। मौलाना ने कहा कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ दीने इस्लाम से भी रूबरू कराना आवश्यक है। मौलाना ने कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की शहादत के महत्व पर प्रकाश डाला। मजलिस की सोजखानी समर रज़ा ज़ैदी, पेशखानी तनवीर जौनपुरी, एहतेशाम जौनपुरी, मेहदी मिर्जापुरी एवं संचालन अनवर जौनपुरी ने किया। अंत में मरहुम सैय्यद मोहम्मद मासूम के भाई एजाज़ हुसैन एवं पुत्र सैय्यद मोहम्मद ज़ैन ने सभी मोमनीन का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी, सैय्यद मोहम्मद मुस्तफा, आरिफ़ हुसैनी, हसनैन कमर दीपू, आज़म ज़ैदी, लाडले ज़ैदी, सैय्यद मोहम्मद एहसन, ज्ञान कुमार आदि के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
