Jaunpur News : ​सड़क पर प्रसव के बाद नवजात की हुई मौत

ठेले पर महिला के साथ भटकता रहा वनवासी परिवार
4 दिन से काट रहा था सीएचसी का चक्कर
सरकारी दावों का पोल खोलते रामपुर सरकारी अस्पताल के कर्मचारी
रामपुर, जौनपुर। डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की गई जान डीलवरी कराने को लेकर महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर का लगा रही है। चक्कर कई दिनों से बनवासी परिवार डिलीवरी को लेकर पसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर में चक्कर लगा रही है लेकिन कोई भी अधिकारी व कर्मचारी उसे महिला को मदद करने के लिए आगे नहीं आया।
बता दें कि चंदा बनवासी पत्नी मुकेश बनवासी ग्राम कोटिगाव गैयापुर रामपुर जौनपुर के निवासी हैं। इनका आरोप है कि हम 4 दिनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर में डिलीवरी करने के लिए गए थे लेकिन न हमें भर्ती किया गया और न ही हमारा इलाज किया गया। हमको वहां से भगा दिया गया। वहां के डॉक्टर ने बोला कि जाओ प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराओ। हमारे पास यहां व्यवस्था नहीं है।
हद तो तब हो गई जब 31 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर गई तो वह पे तैनात नर्स मंजू देवी ने डाटकर भगा दिया। इसके बाद बनवासी परिवार महिला को ठेला पर लादकर बाहर आ गए रास्ते में न्यू कैरियर स्कूल के पास रोड पर ही महिला ने बच्चों को जन्म दिया। महिला रोड पर तड़प रही थी लेकिन किसी डॉक्टर ने उसकी जानकारी नहीं ली। महिला का प्रसव रोड पर होने के कारण बच्चा मर गया। जहां सरकार गरीबों के लिए सारी व्यवस्थाएं किया हैं, वहीं डॉक्टरों की लापरवाही की कारण रोड पर डिलीवरी होने के कारण बच्चा मर गया। ठेला पर लेकर दौड़त रहा परिवार लेकिन कोई भी कर्मचारी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हुआ।
इतनी बड़ी लापरवाही खुलकर सामने आई है। सरकार के पास सारी व्यवस्था होते हुए भी न एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और न ही समय पर कोई डॉक्टर उसका इलाज किया। बनवासी परिवार का कहना है कि अगर समय से इलाज हुआ होता तो हमारा बच्चा बच जाता। आरोप है कि डिलीवरी के लिए कोई भी जाता है तो वहां के नर्स और आशा कर्मचारी प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए सलाह देते हैं। आए दिन ऐसी घटना को बार-बार दोहराया जाता है लेकिन कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है।

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