- प्रधानमंत्री ने काशी को दी 2183 करोड़ की सौगात
- 14 परियोजनाओं का लोकार्पण करके 38 का किया शिलान्यास
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त भी जारी की। बटन दबाकर देश भर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 20,500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि डिजिटली ट्रांसफर किया। जैसे ही राशि ट्रांसफर हुई, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसानों के चेहरे खुशी से चमक उठे।
खास यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को 'डेड इकोनॉमी' बताया था। उनके इस तंज के जवाब में प्रधानमंत्री ने वाराणसी से करारा संदेश देते हुये कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। आज दुनिया की अर्थव्यवस्था कई आशंकाओं से गुजर रही है। अस्थिरता का माहौल है। ऐसे में दुनिया के देश अपने हितों पर फोकस कर रहे हैं, इसलिए भारत को भी अपने आर्थिक हितों को लेकर सजग रहना ही है। हमारे किसान, हमारे लघु उद्योग, युवाओं के रोजगार और हित हमारे लिए सर्वोपरि हैं। देशवासियों को स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाते हुये उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हर भारतीय, हर खरीदारी में देशहित को प्राथमिकता दे।
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि अब भारत भी हर चीज को परखने के लिए सिर्फ एक ही तराजू इस्तेमाल करेगा- वह है, भारतीय पसीने से बनी चीजें। भारतीय कौशल से बनी हों, भारतीय हाथों से बनी हों। यही हमारे लिए असली स्वदेशी है। अब वक्त आ गया है जब देश का हर नागरिक, हर दुकानदार और हर उपभोक्ता इस मंत्र को अपनाए कि हम वही खरीदेंगे जो भारत में बना हो जिसे भारतीय हाथों ने गढ़ा हो और जिसमें हमारे देश का पसीना हो। वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में यह सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतवासी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, अनिल राजभर, डॉ. दयाशंकर मिश्र, भूपेंद्र चौधरी, मेयर अशोक तिवारी, विधायकगण, एमएलसी, भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं हजारों नागरिक मौजूद रहे।
हर नागरिक बने स्वदेशी का प्रचारक
प्रधानमंत्री ने इस संकल्प को सिर्फ सरकार या राजनीतिक दलों तक सीमित ना रखकर हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया। साथ ही कहा कि सरकार इस दिशा में हर प्रयास कर रही है लेकिन देश के नागरिक के रूप में हमारे कुछ दायित्व हैं। यह बात सिर्फ मोदी नहीं, हिंदुस्तान के हर व्यक्ति को हर पल बोलते रहना चाहिए- दूसरे को कहते रहना चाहिए जो देश का भला चाहते हैं, जो देश को तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनाना चाहते हैं, उसे अपने संकोच को छोड़कर देशहित में हर पल देशवासियों के अंदर एक भाव जगाना होगा- वह संकल्प है। हम स्वदेशी को अपनाएं। मोदी ने साफ किया कि 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' को अब केवल नारा नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
व्यापारी सिर्फ स्वदेशी माल बेचें, यही सच्ची देशसेवा
प्रधानमंत्री ने देश के व्यापारियों और उद्योगजगत से विशेष आग्रह किया और कहा कि अब समय आ गया है कि सिर्फ और सिर्फ स्वदेशी उत्पादों को ही बेचा जाय। उन्होंने कहा कि मैं व्यापार जगत से जुड़े भाइयों को आगाह करता हूं- अब हमारी दुकानों पर सिर्फ स्वदेशी सामान बिकना चाहिए। यही देश की सच्ची सेवा होगी। जब हर घर में नया सामान आए तो वो स्वदेशी ही हो, यही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक व्यापारिक दबाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन से आयात पर बहस और अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा के केंद्र में हैं।
लोकार्पित योजनाएं: फोरलेन सेतु, घाटों का विकास, कैंसर अस्पताल में अत्याधुनिक मशीनें
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जिन 14 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उनमें प्रमुख रूप से वाराणसी-भदोही-गोपीगंज मार्ग (एसएच-87) के 8.6 किमी हिस्से का चार लेन चौड़ीकरण, हरदत्तपुर रेलवे स्टेशन के पास रेल ओवरब्रिज, बाबा कालिका धाम मंदिर, अम्बेडकर क्रीड़ा संकुल में हाकी मैदान, घाटों का पुनर्विकास, च्।ब् परिसर में बहुउद्देश्यीय हॉल, 53 विद्यालयों का पुनरुद्धार और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी यूनिट व रेडिएशन मशीनें शामिल हैं।
शिलान्यास: मुंशी प्रेमचन्द संग्रहालय से लेकर स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम तक
38 परियोजनाओं के शिलान्यास में मुंशी प्रेमचंद के लमही स्थित आवास का संग्रहालय के रूप में विकास, स्मार्ट अंडरग्राउंड केबलिंग सिस्टम, दालमंडी व अन्य सड़कों का चौड़ीकरण, कर्दमेश्वर व कपिलधारा मंदिर का पर्यटन विकास, फसाड लाइटिंग, बालिका विद्यालयों का नवीनीकरण, आधुनिक जिला पुस्तकालय, सिटी फैसिलिटी सेंटर, पार्किंग, स्ट्रीट फूड प्लाजा, गंगा घाटों का जीर्णोद्धार, जल शोधन और हरित कवरेज में सुधार जैसी योजनाएं शामिल हैं।
किसानों के चेहरों पर मुस्कान, 3.90 लाख करोड़ पार हुई योजना की कुल राशि
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस 20वीं किस्त के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत देश भर में अब तक 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर हो चुकी है। काशी के 2.21 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। पीएम ने कहा कि यह पैसा अन्नदाता को सीधा सशक्त बना रहा है और बिना किसी बिचौलिए के उनके जीवन में नई रोशनी ला रहा है।
दिव्यांगों को उपकरणों की सौगात, 'बबली' के चेहरे पर मुस्कान
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मंच से पांच दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक उपकरण भी वितरित किए। दृष्टिबाधित छात्रा सुश्री बबली कुमारी को जब प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से लो विजन चश्मा पहनाया तो उसका चेहरा खुशी से खिल उठा। इसके अलावा संतोष पांडेय, विकास पटेल, किशन जी व सीता पाल को उपकरण दिए गए। ह्वील चेयर, ट्राइसाइकिल, हियरिंग डिवाइस जैसे महंगे उपकरण अब सामान्य वर्ग की पहुंच में आ रहे हैं जो पहले असंभव था।
إرسال تعليق