बरेली। जिला जेल में हुई सुलेख प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर बंदी साहिल, द्वितीय स्थान बंदी राशिद, तृतीय स्थान पर बंदी कृष्ण कुमार ने प्राप्त किया । इन विजेताओं को प्रमाण- पत्र कोमल फाउन्डेशन, फिरोजाबाद के अध्यक्ष अश्विनी कुमार भदौरिया द्वारा उपलब्ध कराया गया । अब भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अन्तर्गत 20 सितम्बर 2026 को नवसाक्षर बंदी परीक्षा में भाग लेंगे। वर्तमान में जिला कारागार, बरेली में 50 निरक्षर बंदी जिसमें 05 महिला बंदी भी सम्मिलित हैं, साक्षर कराये जा रहे हैं। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम में सफल बंदियों को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रमाण- पत्र प्रदान किया जायेगा।जिला कारागार, बरेली पर दिनांक 8 जून 2026 को अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर समाज सेवी संस्था कोमल फाउण्डेशन, फिरोजाबाद द्वारा बंदियो को प्रेरित करने के उद्देश्य से सुलेख प्रतियोगिता में 50 नवसाक्षर बंदियो ने प्रतिभाग किया गया था । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली श्रीमती जया प्रियदर्शिनी उपस्थित रही। सचिव द्वारा बंदियों को पढ़ने लिखने हेतु उत्साहित करते हुए कहा गया कि आप जेल में अपना समय खाली बैठकर व्यर्थ न गवायें कुछ पढ़ लिख कर अच्छा इन्सान बनकर ही जेल से बाहर निकलें। जिला कारागार में हुए कार्यक्रम में बरेली शहर निवासी सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक श्री मो अकरम खां का विशेष मार्गदर्शन रहा ।
श्री पी सी मीणा के निर्देशन में कारागार मे बंदियो की शिक्षा, सुधार, कौशल विकास व पुनर्वास के कार्यक्रम संचालित कराये जा रहे हैं। इसी कम में कारागार में निरक्षर बंदियो को साक्षर बनाने के कार्यक्रम का प्रारम्भ 11 अगस्त 2008 से संचालित हुआ जिसका उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली की सचिव श्रीमती जया प्रियदर्शिनी द्वारा किया गया। जिला कारागार, बरेली पर दिनांक 8 जून 2026 को अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर समाज सेवी संस्था कोमल फाउण्डेशन, फिरोजाबाद द्वारा बंदियो को प्रेरित करने के उद्देश्य से सुलेख प्रतियोगिता में 50 नवसाक्षर बंदियो ने प्रतिभाग किया गया था । जिला कारागार में हुए कार्यक्रम में बरेली शहर निवासी सेवानिवृत्त जेल अधीक्षक मो अकरम खां का विशेष मार्गदर्शन रहा । कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला द्वारा किया गया । जेल अधीक्षक आलोक कुमार शुक्ला ने सम्बोधन में बताया गया कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु शीघ्र ही उक्त के अतिरिक्त व्यवसायिक शिक्षा व कौशल विकास के कार्यक्रम भी संचालित किये जायेंगे ताकि बंदी आत्मनिर्भर बन सके और समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके । इस अवसर पर जेलर सुशील कुमार वर्मा द्वारा सभी अतिथियों एवं स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया गया । एवं डिप्टी जेलर राघवेन्द्र सिंह वर्मा, वीरेश्वर प्रताप सिंह, सौमित्रदेव त्रिपाठी, देवदत्त, यादवेन्द्र मोहन फार्मासिस्ट, राजीव त्यागी वरिष्ठ सहायक, राहुल मिश्रा कनिष्ठ सहायक, संजीव गंगवार शिक्षाध्यापक, चीफ हेड वार्डर रामगोपाल सिंह एवं अशोक कुमार शुक्ला जेल वार्डर आदि उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना