जौनपुर। रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर खाद्य पदार्थों और दुग्ध उत्पादों में मिलावट का कारोबार अपने चरम पर पहुंच चुका है। त्योहार की आड़ में लोगों की सेहत के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति खोवा, छेना, पपड़ी, नमकीन जैसे उत्पादों की है। मुनाफा कमाने की होड़ में अधिकांश दुकानदारों ने एक महीने पहले से ही खोवा का स्टॉक करना शुरू कर दिया था जिसमें अब फंगस लग चुका है। इसी फंगसयुक्त खोवे का इस्तेमाल मिठाइयां बनाने में किया जा रहा है जो गम्भीर बीमारियों का कारण बन रहा है। मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिये चांदी के वर्क की जगह सस्ते और जहरीले एल्युमिनियम वर्क का प्रयोग हो रहा है। नमकीन और मिठाइयों में मानक से अधिक और प्रतिबंधित घातक रंगों की मिलावट की जा रही है। आम जनता के स्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ को उजागर करने के लिए 'तेजस टूडे' ने मुहिम की शुरुआत की है। इस अभियान के जरिये न केवल भ्रष्ट तंत्र और मिलावटखोरों की करतूतों को सामने लाया जायेगा, बल्कि शासन तक जनता की आवाज पहुंचाकर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जायेगा।
सरकारी आदेशों को बनाया कमाई का जरिया
मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिये राज्य सरकार और शासन स्तर से कड़े निर्देश दिये गये हैं लेकिन जिले में यह व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने इन आदेशों की आड़ में अवैध वसूली का नेटवर्क खड़ा कर लिया है। क्षेत्र में बाकायदा दलाल तैनात किये गये हैं जिनके जरिये बड़े कारखानों, होटलों और ढाबों से तय रकम वसूली जा रही है। वहीं अपनी पीठ थपथपाने और कागजी कार्यवाही पूरी करने के लिये विभाग केवल छोटे और रोज कमाने-खाने वाले दुकानदारों को निशाना बना रहा है।
जीरो टॉलरेंस नीति पर उठ रहे सवाल
प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दरकिनार कर चल रहे इस खेल पर जिले के आला अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है। जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे पर नेताओं की बेरुखी भी कार्यप्रणाली पर गम्भीर सवाल खड़े करती है।
खोवा एवं छेना में भारी मिलावट
रक्षाबन्धन को लेकर बाजारों में खोवा और छेना की मांग बढ़ते ही मिलावट का कारोबार तेज हो गया है। एक-एक महीने पहले से स्टॉक किया गया फंगस लगा खोवा धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
चांदी नहीं, एल्युमिनियम का वर्क
मिठाइयों पर सजावट के लिए स्वास्थ्य के लिये हानिकारक एल्युमिनियम वर्क का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही घातक केमिकल रंगों का इस्तेमाल भी धड़ल्ले से जारी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग पर वसूली के आरोप
त्योहारों पर सख्त कार्रवाई के सरकारी निर्देशों को खाद्य सुरक्षा विभाग ने कमाई का जरिया बना लिया है। बिचौलियों के माध्यम से महीनेदारी तय करने और छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई कर कोरमपूर्ति करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
